पंच गौरव प्रदर्शनी का दूसरा दिन: उमड़े पर्यटक और शहरवासी

उदयपुर, । विश्वप्रसिद्ध फतहसागर झील की पाल पर जिला प्रशासन द्वारा आयोजित जिला स्तरीय “पंच गौरव मेला एवं प्रदर्शनी” के दूसरे दिन शुक्रवार को बड़ी संख्या में पर्यटक, शहरवासी और छात्र-छात्राएं जिले के पंच गौरव से रूबरू होने पहुंचे। दिनभर मेले में रौनक बनी रही और लोगों ने विभिन्न स्टॉलों पर पहुंचकर उदयपुर जिले की विशिष्ट पहचान और गौरवशाली उपलब्धियों से जुड़ी जानकारियां प्राप्त कीं।
पंच गौरव क्रियान्वयन समिति के सदस्य सचिव एवं सांख्यिकी विभाग के संयुक्त निदेशक पुनीत शर्मा ने बताया कि मेले में जिले की विशिष्ट पहचान को दर्शाने वाले पंच गौरव को आकर्षक तरीके से प्रदर्शित किया गया है। इसमें एक जिला एक उत्पाद के तहत उदयपुर के प्रसिद्ध मार्बल एवं ग्रेनाइट उद्योग को प्रदर्शित किया गया है जहां इन पत्थरों के प्रकार, उनकी गुणवत्ता, प्रसंस्करण प्रक्रिया तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार में उनकी मांग से संबंधित जानकारी दी गई है। इसी प्रकार एक उपज के रूप में जिले की विशेष फल उपज सीताफल को प्रमुखता से दर्शाया गया है। स्टॉल पर सीताफल की खेती, इसके पोषण गुण, किसानों को होने वाले लाभ तथा इससे बनने वाले विभिन्न उत्पादों की मौके पर ही जीवंत प्रदर्शनी, विक्रय और सामान्य जानकारी दी जा रही है।
महुआ उत्पादों के स्वाद का अभूतपूर्व आनंद
प्रदर्शनी में वनस्पति प्रजाति के रूप में पंच गौरव में शामिल महुआ के आर्थिक, औषधीय और पारंपरिक महत्व को दर्शाया गया है। प्रदर्शनी में ग्रामीण क्षेत्रों में महुआ से बनने वाले विभिन्न उत्पादों और उसके उपयोग के बारे में भी लोगों को अवगत कराया जा रहा है। आमजन मौके पर वन धन विकास केंद्र द्वारा लगाई गई स्टाल पर महुआ फल से जुड़ें उत्पाद जैसे लड्डू, चिक्की और कुकीज आदि चखकर अभूतपूर्व स्वाद का आनंद ले रहे है।
खेल क्षेत्र से जिले की पहचान के रूप में तैराकी की स्टॉल पर उदयपुर के तैराकी खिलाड़ियों की उपलब्धियां, प्रशिक्षण सुविधाएं और झीलों से जुड़ी इस खेल की परंपरा को प्रदर्शित किया गया है वहीं पर्यटन की दृष्टि से एक पर्यटन स्थल के रूप में फतहसागर और पिछोला झील को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया है। यहां झीलों के ऐतिहासिक महत्व, प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन में उनकी भूमिका को रोचक तरीके से दर्शाया गया है।
सीताफल के पौधों का निःशुल्क वितरण
मेले में शुक्रवार को वन विभाग की ओर से सीताफल के पौधे आमजन को निःशुल्क वितरित किये गए। वहीं कठपुतली शो ने भी पर्यटकों और शहरवासियों को खूब लुभाया। उल्लेखनीय है कि गुरुवार को जिला कलेक्टर नमित मेहता के करकमलों से उद्घाटित इस प्रदर्शनी के माध्यम से प्रशासन का उद्देश्य उदयपुर जिले की विशिष्ट पहचान, प्राकृतिक संपदा, कृषि उत्पाद, खेल प्रतिभा और पर्यटन धरोहर को एक मंच पर प्रस्तुत करना है, ताकि स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले पर्यटक भी जिले की इन विशेषताओं से परिचित हो सकें। प्रदर्शनी का समापन शनिवार सांय होगा।
