राज्य स्तरीय मुखौटा कार्यशाला सम्पन्न

उदयपुर । माणिक्य लाल वर्मा आदिम जाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान (टीआरआई) द्वारा जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार के ‘सपोर्ट टू टीआरआई‘ कार्यक्रम में आयोजित सप्त दिवसीय कार्यशाला का समापन भारतीय लोक कला मण्डल के निदेशक लईक हुसैन के मुख्य आतिथ्य में किया गया।
सांस्कृतिक स्त्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र (सीसीआरटी) उदयपुर परिसर में आयोजित कार्यशाला के समापन समारोह को संबोधित करते हुए हुसैन ने बताया कि मुखौटा कला जनजाति आस्था से जुड़ा है। कलाकार भी मुखौटा के प्रति उसी आस्था व श्रद्धा भाव को अपने भीतर लाकर आध्यात्मिक दृष्टि से कार्य करता है तो जन समुदाय भी उस मुखौटा को उसी भाव से देखता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए टीआरआई निदेशक ओ.पी. जैन ने मुखौटा कला के महत्व पर प्रकाश डालते हुए टीआरआई द्वारा इसके प्रोत्साहन हेतु किये जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। कार्यशाला के नोडल अधिकारी सुधीर दवे, निदेशक सांख्यिकी ने सभी संभागियों का आभार व्यक्त किया। अंत में संभागी कलाकारों को सहभागिता प्रमाण पत्र वितरित किये गये। कलाकार खेमराज डिण्डोर बांसवाड़ा एवं संगीता गमेती उदयपुर ने भी विचार व्यक्त कर कार्यशाला के अनुभव साझा किए।
