उदयपुर में 12 से 18 मार्च तक राज्य स्तरीय मुखौटा कार्यशाला, जनजातीय कलाकारों को मिलेगा प्रोत्साहन

उदयपुर । जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से माणिक्य लाल वर्मा आदिम जाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान (टीआरआई), उदयपुर की ओर से 12 से 18 मार्च तक राज्य स्तरीय “मुखौटा कार्यशाला” का आयोजन किया जाएगा।
संस्थान के निदेशक ओ.पी. जैन ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य जनजातीय समुदायों की पारंपरिक कला को प्रोत्साहन देना तथा आमजन को मुखौटा निर्माण की पारंपरिक विधियों से अवगत कराना है। कार्यशाला में चयनित जनजातीय कलाकार भाग लेंगे।
उन्होंने बताया कि प्रतिभागी कलाकारों को रंग, ब्रश सहित आवश्यक कला सामग्री संस्थान द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। कलाकारों द्वारा प्रयोग में लाई जाने वाली विशेष पारंपरिक सामग्री का भुगतान नियमानुसार किया जाएगा।
प्रतिभागियों को टिकट प्रस्तुत करने पर न्यूनतम दूरी के अनुसार थर्ड एसी ट्रेन या स्लीपर बस का किराया दिया जाएगा। अधिकतम दो दिन के लिए 400 रुपये प्रतिदिन दैनिक भत्ता भी देंगे। प्रत्येक कलाकार को 5,600 रुपये मानदेय दिया जाएगा। आवास व भोजन की व्यवस्था संस्थान द्वारा की जाएगी। संबंधित जिलों से पारंपरिक मुखौटा निर्माण में दक्ष जनजातीय कलाकारों के नाम 10 फरवरी तक निर्धारित प्रारूप में भेजने का आग्रह किया है।
