स्माइल उदयपुर अभियान 800 से अधिक प्रतिष्ठान बने बाल श्रम व भिक्षावृत्ति मुक्त

स्माइल उदयपुर अभियान 800 से अधिक प्रतिष्ठान बने बाल श्रम व भिक्षावृत्ति मुक्त
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उदयपुर,। पर्यटन नगरी उदयपुर को बाल श्रम एवं बाल भिक्षावृत्ति से मुक्त करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन, पुलिस विभाग एवं बाल अधिकारिता विभाग, उदयपुर के संयुक्त प्रयास से चलाए जा रहे “स्माइल उदयपुर” अभियान को आमजन और व्यापारिक वर्ग का व्यापक सहयोग मिल रहा है। शहर के दुकानदारों एवं प्रतिष्ठान संचालकों ने अपने-अपने प्रतिष्ठानों पर बाल श्रम एवं बाल भिक्षावृत्ति मुक्त अभियान के स्टीकर चस्पा कर अभियान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है।

जिला कलेक्टर नमित मेहता के निर्देशन में 01 जनवरी से 31 मार्च तक संचालित इस विशेष अभियान में जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, बाल अधिकारिता विभाग एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के साथ-साथ विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाएं सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। अभियान के तहत शहर के प्रमुख पर्यटक स्थलों, मुख्य चौराहों एवं प्रमुख मंदिर क्षेत्रों में बाल अधिकारिता विभाग, चाइल्ड हेल्पलाइन, मानव तस्करी विरोधी यूनिट एवं सामाजिक संगठनों के सहयोग से निरंतर जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

अभियान के नोडल अधिकारी एवं सहायक निदेशक बाल अधिकारिता विभाग के.के. चन्द्रवंशी ने बताया कि 01 जनवरी से 13 जनवरी 2026 के बीच उदयपुर शहर के 800 से अधिक प्रतिष्ठान एवं दुकानों ने स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठानों को बाल श्रम एवं बाल भिक्षावृत्ति मुक्त घोषित किया है। इन प्रतिष्ठानों द्वारा विभागीय स्टीकर चस्पा किए गए तथा शपथ पत्र भरकर यह संकल्प लिया गया कि वे बाल अधिकारों के संरक्षण में पूर्ण सहयोग करेंगे। इसके साथ ही सार्वजनिक स्थलों पर पोस्टर, बैनर एवं स्टीकर के माध्यम से आमजन को भी जागरूक किया गया।

अभियान के दौरान बाल अधिकारिता विभाग, चाइल्ड हेल्पलाइन एवं एनजीओ के संयुक्त रेस्क्यू दल द्वारा 5 बच्चों को रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति में प्रस्तुत किया गया। संबंधित प्रतिष्ठान संचालकों के खिलाफ नियमानुसार मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की गई तथा जियो-टैगिंग के माध्यम से फोटो भी लिए गए।

इस अभियान में बाल अधिकारिता विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, मानव तस्करी विरोधी यूनिट, चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम तथा बाल सुरक्षा नेटवर्क, गायत्री सेवा संस्थान, आजीविका ब्यूरो और अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। अभियान के माध्यम से उदयपुर को बाल श्रम एवं बाल भिक्षावृत्ति से मुक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत और सकारात्मक कदम उठाया गया है, जो जनसहयोग से निरंतर मजबूत होता जा रहा है।

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