ग्राम उत्थान शिविर 2026 जनकल्याण का प्रभावी मॉडल सिद्ध हुए ग्राम उत्थान शिविर

उदयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की संवेदनशील पहल के तहत प्रदेश भर में आयोजित ग्राम उत्थान अभियान जनकल्याण का प्रभावी मॉडल सिद्ध हुआ। अभियान के तहत उदयपुर जिले के 89 गिरदावर सर्कल पर शिविर आयोजित हुए। इसमें हजारों किसानों एवं आमजन को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का तत्काल लाभ, जानकारी एवं समाधान उपलब्ध कराया गया। जिला कलक्टर नमित मेहता के निर्देशन में आयोजित इन शिविरों में जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी रही। बड़ी संख्या में पुरुष-महिला सहभागियों ने शिविरों में पहुंचकर कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, सहकारिता, ग्रामीण विकास, पंचायती राज, उद्योग, ऊर्जा, जल संसाधन एवं राजस्व से जुड़ी सेवाओं का लाभ लिया।

कृषि व किसान-केंद्रित सेवाओं पर विशेष फोकस

शिविरों में किसानों को तारबंदी, डिग्गी, पाइपलाइन, फार्म पॉण्ड, फसल बीमा, एमएसपी, सॉइल हेल्थ कार्ड, बीज व मिनी किट वितरण के सत्यापन सहित विभिन्न कृषि योजनाओं की जानकारी दी गई। शिविरों के दौरान ताराबंदी के लिए 3476, पाइप लाइन के लिए 2859, फॉर्म पोण्ड के लिए 379 तथा बैलों से खेती योजना के तहत 10029 आवेदन तैयार कराए गए। 68 हजार 983 लोगों को फसल बीमा योजना की जानकारी दी गई। वहीं 69 हजार से अधिक लोगों को एमएसपी व कृषि योजनाओं से अवगत कराया। 7476 किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए। 23 हजार 485 मिनी किट व 12 हजार 973 बीज वितरण का सत्यापन किया गया।

उद्यानिकी, पशुपालन व डेयरी सेवाओं का व्यापक लाभ

उद्यानिकी विभाग द्वारा फव्वारा संयंत्र के लिए 992, ड्रिप के लिए 247, प्लास्टिक मल्च के लिए 143 आवेदन तैयार किए गए। सौर पम्प के लिए 3503 तथा पॉलीहाउस के लिए 110 आवेदन तैयार किए गए। 65 हजार 812 लोगों को विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई। पशुपालन विभाग ने मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत 10123 पंजीकरण किए। 23 हजार 316 पशुओं की प्राथमिक चिकित्सा कर कृमि नाशक औषधि पिलाई गई। 260 पशुओं का टीकाकरण किया। 583 कृत्रिम गर्भाधान कराए गए। 2787 फर्टिलिटी किट वितरित किए। 64 हजार से अधिक लोगों को विभागीय योजनाओं की जानकारी प्रदान की। डेयरी क्षेत्र में सहकारी समितियों के पंजीयन, सदस्यता एवं ऋण से जुड़ी सेवाएं दी गईं।

सहकारिता, विपणन और वित्तीय समावेशन

कृषि विपणन एवं सहकारिता के माध्यम से किसान क्रेडिट कार्ड, मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना, छब्व्स्/छब्म्स् सदस्यता, नए गोदामों के प्रस्ताव, स्वयं सहायता समूहों के ऋण आवेदन तथा सहकारी ऋण योजनाओं की जानकारी दी गई। कृषि विपणन विभाग की मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना के तहत 200 आवेदनों का निस्तारण करते हुए किसानों को राहत प्रदान की गई। 166 स्थलों पर किसान विश्राम गृह के प्रस्ताव तैयार किए गए। सहकारिता विभाग के माध्यम से 1119 किसान क्रेडिट कार्ड आवेदन प्राप्त किए गए। 100 मैट्रिक टन गोदाम के लिए 12, 250 एमटी के 9 तथा 500 एमटी के 5 आवेदन तैयार कराए गए। नए कस्टम हायरिंग सेंटर के 37 आवेदन तैयार कराए गए।

ग्रामीण विकास, पंचायती राज व अन्य विभागों की सक्रियता

शिविर के दौरान ग्रामीण विकास विभाग ने 66 हजार से अधिक लोगों को वीबी जीरामजी योजना की जानकारी दी। दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत 4241 सर्वे कार्य पूर्ण कराए गए। पंचायती राज विभाग के माध्यम से 693 स्वामित्व कार्ड वितरण किए गए। उद्योग विभाग ने युवा स्वरोजगार योजना के तहत 948 आवेदन तैयार करवाए। ऊर्जा विभाग ने पीएम सूर्यघर योजना में 3311 पंजीकरण किए। जल संसाधन विभाग द्वारा वंदे गंगा संरक्षण अभियान, नहर-खालों की मरम्मत आवश्यकताओं का चिन्हांकन किया गया। राजस्व विभाग ने 1521 फार्मर रजिस्ट्री पंजीयन किए। 269 भू-खसरा विभाजन से जुड़े कार्य संपादित किए गए।

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