नारी केवल परिवार नहीं, पूरे समाज की आधारशिला है : उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी

उदयपुर । भारत विकास परिषद उत्तर पश्चिम क्षेत्र का महिला मिलन कार्यक्रम ‘‘निर्मायिनी’’ का दो दिवसीय आयोजन रविवार को सोलिटेयर रिसोर्ट, उदयपुर में भव्य रूप से संपन्न हुआ। राजस्थान साउथ प्रांत की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में समाज निर्माण, संस्कार, आत्मनिर्भरता और नारी सशक्तिकरण जैसे विषयों पर गहन संवाद हुआ। जैसे ही उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी कार्यक्रम स्थल पर पहुंची तो भारत विकास परिषद के सदस्यों ने उन्हे फूल की जगह फलों से भरा बास्केट भेंट कर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के दीप प्रज्जवलन के साथ हुआ। इस आयोजन में पूरे राजस्थान से करीब 703 महिलाएं शामिल हुए। शब्दों द्वारा स्वागत सुनीता गोयल द्वारा तथा आभार प्रांतीय अध्यक्ष मयंक दोशी द्वारा ज्ञापित किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि नारी केवल एक परिवार की रीढ़ नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण की धुरी है। उन्होंने मातृशक्ति को तकनीकी, सामाजिक और मानसिक रूप से सशक्त बनने का संदेश दिया। किसी भी व्यक्ति के जीवन में संस्कारों की पहली सीढ़ी उसके घर से शुरू होती है, और उसकी पहली गुरु मां होती है। संस्कृति, पर्व-त्योहारों की शिक्षा, पूजा-पाठ की विधि—बच्चों को यह सभी बातें सबसे पहले अपनी मां से सीखने को मिलती हैं। इसी कारण महिला न केवल परिवार की बल्कि पूरे समाज की आधारशिला मानी जाती है।भारत विकास परिषद सेवा, संस्कार और कुटुंब प्रबंधन के माध्यम से समाज को संगठित व सशक्त बनाने का कार्य कर रही है। इस अवसर पर नारी शक्ति की भूमिका पर विशेष बल देते हुए कहा गया कि किसी भी राष्ट्र का समग्र विकास महिलाओं के योगदान के बिना संभव नहीं है। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जन आधार योजना में घर की महिला को मुखिया बनाए जाने की सराहना की गई। वक्ताओं ने कहा कि यह निर्णय महिलाओं को केवल अधिकार ही नहीं, बल्कि सम्मान और जिम्मेदारी भी देता है। भारत विकास परिषद, उदयपुर ने इस सामाजिक चेतना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए समाज के सभी वर्गों से आह्वान किया कि वे महिलाओं को परिवार और समाज दोनों में बराबरी का स्थान दें।
इस अवसर पर मंच पर रघुनाथ रंगा, राष्ट्रीय महामंत्री डी.डी. शर्मा, राष्ट्रीय गतिविधि संरक्षक महिला सहभागिता निदर्शना गोवानी, राष्ट्रीय गतिविधि संयोजक डॉ. शिप्रा धर, क्षेत्रीय संरक्षक राधेश्याम रंगा, तथा केन्द्रीय सदस्य डॉ. आशा मेहता जैसे विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सत्रों में बाल संस्कार से व्यक्ति निर्माण, महिला आत्मरक्षा, आत्मनिर्भरता, कुटुंब प्रबोधन, महिला स्वास्थ्य, और तकनीकी साक्षरता जैसे विषयों पर अतिथियों द्वारा मार्गदर्शन दिया गया। इन सत्रों में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपने अनुभव भी साझा किए।
- संस्कार, आत्मरक्षा, तकनीकी साक्षरता जैसे विषयों पर संवाद
राष्ट्रीय गतिविधि सदस्य (महिला सहभागिता) डॉ. आशा मेहता ने महिलाओं में तकनीकी साक्षरता और आत्मविश्वास के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के डिजिटल युग में महिलाओं का तकनीकी रूप से सशक्त होना अत्यंत आवश्यक है। बाल संस्कार के माध्यम से व्यक्तित्व निर्माण में महिलाओं की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि एक जागरूक माँ ही अपने बच्चों को अच्छे संस्कार देकर भविष्य का श्रेष्ठ नागरिक बना सकती है।
राष्ट्रीय गतिविधि सह संयोजिका (महिला सहभागिता) गीता गुप्ता ने समाज परिवर्तन एवं परिवारों में संस्कार निर्माण में महिलाओं की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिला यदि संस्कारित होगी, तो पूरा समाज स्वयं संस्कारों से परिपूर्ण हो जाएगा।
उत्तर प्रांत अध्यक्ष डॉ. दीप्ति वहल ने महिला स्वास्थ्य और जागरूकता, विशेष रूप से सर्वाइकल कैंसर के कारण, लक्षण, उपचार और बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने नियमित जांच और समय पर इलाज की आवश्यकता पर बल दिया।
क्षेत्रीय संयोजिका शशि चुग ने महिला आत्मरक्षा एवं आत्मनिर्भरता पर प्रभावशाली वक्तव्य देते हुए महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा केवल शारीरिक नहीं, मानसिक और भावनात्मक रूप से भी आवश्यक है।
- मातृशक्ति को मिला प्रेरणा का मंच
कार्यक्रम की संयोजिका गायत्री शर्मा, जिला समन्वयक संतोष जैन, नगर समन्वयक राकेश नंदावत, प्रांतीय महासचिव सुधीर वोरा , के नेतृत्व में आयोजन को सफल बनाने में परिषद के सभी सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रांतीय अध्यक्ष मयंक दोसी ने बताया कि परिषद द्वारा आयोजित यह महिला मिलन कार्यक्रम मातृशक्ति को समाज के केंद्र में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि उदयपुर नगर की सभी शाखाओं से महिलाओं की उत्साहपूर्वक सहभागिता रही, जिससे कार्यक्रम में एक सकारात्मक और प्रेरणादायक माहौल बना।
- राष्ट्रगीत और आभार ज्ञापन की रस्म के साथ कार्यक्रम का समापन
अंत में राष्ट्रगान की गूंज और आभार प्रदर्शन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। अतिथियों, सहभागियों और आयोजकों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर गीतजंली हॉस्पिटल के मार्केटिंग हेड कल्पेश राजबीर, डॉ. नलिनी शर्मा, डॉ. पूजा गांधी, डॉ. अर्चना शर्मा, डॉ. शब्दिका कुलशास्त्र, डॉ. रेणू मिश्रा, डॉ. कल्पना गुप्ता, डॉ. दिव्या चौधरी, नीलम तोषणीवाल आदि का विशेष सहयोग के सम्मानित किया गया रहा। इस सफल आयोजन में समन्वयक राकेश नंदावत, प्रांतीय महासचिव सुधीर वोरा, एडवोकेट ऋषभ जैन, अनिल चपलोत, अशोक धूपिया, रजनीकांत मंडावत, हंसमुख जैन, वीणा पालीवाल, मंजू जैन , संजीव भारद्वाज, शोभा लाल दशोरा आदि की विशेष सहयोग रहा।
