विश्वप्रसिद्ध मेवाड़ महोत्सव की धूम आज से, जीवंत होगी पारंपरिक संस्कृति

उदयपुर, । जिला प्रशासन एवं पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में झीलों की नगरी में शनिवार को विश्वप्रसिद्ध तीन दिवसीय मेवाड़ महोत्सव का आगाज़ होगा। राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और विरासत को जीवंत करने वाला यह महोत्सव देश-विदेश के पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है।
पर्यटन विभाग की उपनिदेशक शिखा सक्सेना ने बताया कि महोत्सव की सभी तैयारियां पूर्ण की जा चुकी है। प्रमुख आयोजन स्थलों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है, वहीं घाटों और ऐतिहासिक स्थलों पर विशेष तैयारियां की गई हैं। महोत्सव के तहत पारंपरिक शोभायात्राएं, लोक नृत्य, लोक संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी।
विशेष रूप से गणगौर घाट पर आयोजित कार्यक्रम पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहेंगे। यहां सजीव सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ राजस्थान की लोक विरासत की झलक देखने को मिलेगी। महिलाओं द्वारा पारंपरिक वेशभूषा में सजकर निकाली जाने वाली गंगौर की सवारी इस महोत्सव की विशेष पहचान है। इसमें ईसर-गौरा की आकर्षक प्रतिमाओं की पूजा-अर्चना कर शहर के विभिन्न मार्गों से शोभायात्रा निकाली जाएगी जो अंततः घाटों तक पहुँचेगी। शनिवार और रविवार को गणगौर घाट पर विविध सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। वहीं गोगुन्दा में स्थानीय ग्राम पंचायत द्वारा आयोज्य तीन दिवसीय मेले का भी शुभारंभ शनिवार को होगा। आयोजन हेतु सुरक्षा, यातायात और व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए गए हैं
