देश में अघोषित इमरजेंसी, अब जन आंदोलन की जरूरत: दांडी मार्च की वर्षगांठ पर बरसे -गहलोत

जयपुर। दांडी मार्च की 96वीं वर्षगांठ के अवसर पर राजधानी जयपुर में कांग्रेस ने बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में शहीद स्मारक से सेंट्रल पार्क स्थित गांधी म्यूजियम तक 'मौन पैदल मार्च' निकाला गया। इस दौरान गहलोत ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश में आज अघोषित इमरजेंसी जैसे हालात हैं और न्यायपालिका व जांच एजेंसियां भारी दबाव में काम कर रही हैं।
सुबह 8:30 बजे शुरू हुआ यह 4 किलोमीटर लंबा मार्च एमआई रोड, अजमेरी गेट और एसएमएस हॉस्पिटल होते हुए गांधी म्यूजियम पहुंचा। मार्च में गहलोत के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित कई विधायक और गांधीवादी विचारक हाथों में पोस्टर-बैनर लेकर शामिल हुए।
गांधीजी के रास्ते पर चलना ही एकमात्र विकल्प: गहलोत
मीडिया से बातचीत में गहलोत ने कहा कि जिस तरह 12 मार्च 1930 को महात्मा गांधी ने नमक कानून के खिलाफ जन आंदोलन छेड़ा था, आज वैसी ही जरूरत महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ है। उन्होंने कहा, "लोकसभा में काम नहीं हो रहा है और विपक्ष की आवाज दबाई जा रही है। हमने इसीलिए अहिंसा निदेशालय का गठन किया था ताकि गांधीजी के विचार जीवित रहें।" गहलोत ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला पर हुई फायरिंग की घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया।
एलपीजी संकट पर डोटासरा का अल्टीमेटम
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने रसोई गैस की किल्लत और बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा, "आज एलपीजी के दाम आसमान छू रहे हैं और जनता कतारों में खड़ी है। प्रधानमंत्री तानाशाही से देश चला रहे हैं।" डोटासरा ने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में एलपीजी सिलेंडर संकट को लेकर कांग्रेस पूरे प्रदेश में बड़ा आंदोलन छेड़ेगी।
संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि आज देश के हालात ठीक नहीं हैं। सभी धर्म-जाति के लोग गांधीजी के साथ इसलिए जुड़े थे क्योंकि वह जीवन से जुड़ी समस्याओं की लड़ाई थी। आज भी लोगों की आवाज दबाई जा रही है जो लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है।
