वसुंधरा राजे का संदेश: अफसर एक घंटी में फोन उठाएं, नहीं तो भुगतने को तैयार रहें

वसुंधरा राजे का संदेश: अफसर एक घंटी में फोन उठाएं, नहीं तो भुगतने को तैयार रहें
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जयपुर: राजस्थान में अफसरशाही के कामकाज को लेकर उठ रहे सवालों पर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अधिकारियों को खरी-खरी सुनाई. शनिवार को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश स्तरीय संगठनात्मक कार्यशाला में वसुंधरा राजे ने अधिकारियों को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि कार्यकर्ता पार्टी का एंबेसडर है. अफसर उसका एक घंटी में फोन उठा कर काम करें, नहीं तो भुगतने को तैयार रहें. कार्यशाला के बाद मीडिया से बात करते हुए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि संगठनात्मक कार्यशाला का उद्देश्य राजनीति करना नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं को मूल्यों, आदर्शों और जनसेवा के भाव से जोड़ना है.

'कार्यकर्ता के साइन से अफसर काम करें': वसुंधरा राजे ने कहा कि बिना कार्यकर्ता भाजपा प्राण विहीन है. इसलिए जरूरी है कि हम कार्यकर्ता को मजबूत करें. गांव में बूथ अध्यक्ष, मंडल में मंडल अध्यक्ष और जिलों में जिला अध्यक्ष हमारे एंबेसडर हैं. उनके साइन से जनता के काम हों, उनकी एक घंटी में अधिकारी फोन उठाएं और काम करें या भुगतने के लिए तैयार रहें. उन्होंने कहा कि हमारे कार्यकर्ता की आवाज पीएम और सीएम की आवाज है. कार्यकर्ता की आवाज की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं होगी. उन्होंने कहा कि एक वक्त था, जब देश की दसों दिशाओं में कांग्रेस थी, आज जिस तरफ देखो उधर भाजपा है. ये कार्यकर्ता की तपस्या का फल है. जिसने न भूख देखी, न प्यास, बस लगा रहा कमल खिलाने में.'किसी रोते हुए चेहरे से आंसू पूछ तो सही,

किसी बेसहारा की लाठी बन तो सही.

कहीं मत कर तलाश, इसी जमीं पर है ईश्वर,

किसी के जख्म पर मरहम लगा तो सही.'

ये है कार्यशाला का उद्देश्य: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि संगठनात्मक कार्यशाला का उद्देश्य राजनीति करना नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं को मूल्यों, आदर्शों और जनसेवा के भाव से जोड़ना है. आज संगठनात्मक सत्रों में हर विषय पर गंभीर चिंतन किया गया. विशेष रूप से कुटुंब प्रबंधन पर जोर देते हुए कहा कि आदर्श परिवार ही आदर्श समाज की नींव होता है. भाजपा की राजनीति सेवा भाव पर आधारित है. हम सब राजनीति में सेवक के रूप में आए हैं और जनसेवा के लिए अपना जीवन समर्पित करना हमारा लक्ष्य है.

कार्यकर्ता पार्टी की आत्मा': राठौड़ ने कहा कि कहीं भी कटुता उत्पन्न हो, तो संवाद के माध्यम से समाधान निकाला जाए. राष्ट्रवाद, राष्ट्रीय एकात्मता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है. राठौड़ ने गांधीवादी दृष्टिकोण, सर्वधर्म समभाव और 'सर्वे भवन्तु सुखिनः' की भावना को अपनाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि हमें अपनी विरासत, इतिहास और पूर्वजों पर गर्व करना चाहिए तथा गुलामी की मानसिकता को पूरी तरह त्यागना होगा. उन्होंने कहा कि नागरिकों में कर्तव्यबोध जागृत करना और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर कार्य करना हम सभी का दायित्व है. कार्यकर्ता पार्टी की आत्मा हैं और संगठन कार्यकर्ताओं से ही बनता है, इसलिए उनका सम्मान सर्वोपरि है.

कांग्रेस के नेता मेंढक की तरह उछल रहे हैं': कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद डोटासरा के बयान पर पलटवार करते हुए मदन राठौड़ ने कहा, 'मैं क्या कर रहा हूं? क्या नहीं कर रहा हूं? उनको इससे क्या लेना देना? उनको अपना काम देखना चाहिए, मेरे काम को नहीं. मेरी पार्टी मेरा घर है, उसको लेकर कैसे क्या काम करना है, वह मेरा काम है, मैं देखता हूं. मेरे संगठन को मैं संभाल रहा हूं, वह अपने घर को संभालें. मेरी पार्टी की ज्यादा चिंता नहीं करें. उनके तो लोग मेंढक की तरह इधर-उछल भाग रहे हैं. पहले उन्हें रोकें, हमारा हम देख लेंगे.'

संगठनात्मक कार्यशाला में ये रहे मौजूद: भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश स्तरीय संगठनात्मक कार्यशाला राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिव प्रकाश मौजूद रहे. इनके अलावा भाजपा की राष्ट्रीय सचिव डॉ अलका गुर्जर, राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष अरूण चतुर्वेदी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया, अशोक परनामी, महामंत्री भूपेंद्र सैनी, मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ सहित पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे.

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