अधूरा ख्वाब'


एक अधूरा ख्वाब रह गया,

मुझे साथ तेरा चाहिए था !

उसे भी कोई और ले गया।

मैं उन भावनाओं में बहके,

अकेले सब कुछ सह गया।

मेरी ही जिंदगी के यादगार,

लम्हों को वो छिन ले गया।

अब सीने में 'तस्वीर' है तेरी,

वो शरीर कोई और ले गया।

यूं बहते रहेंगे यादों के मंजर,

ये ख्याल कोई ओर ले गया।

सुकून से जी लो यह जिंदगी,

मेरे कानों में कोई कह गया।

बस, तेरा हाथ-साथ पाने का,

एक 'अधूरा ख्वाब' रह गया।

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