रघुनाथपुरा स्कूल की शिक्षा व्यवस्था चरमराई, शिक्षकों की कमी और गैरहाजिरी पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

रघुनाथपुरा स्कूल की शिक्षा व्यवस्था चरमराई, शिक्षकों की कमी और गैरहाजिरी पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
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बनेड़ा हेमराज तेली. क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रघुनाथपुरा में शिक्षकों की भारी कमी और स्टाफ की अनियमित उपस्थिति ने विद्यार्थियों के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है। हालात से नाराज ग्राम एकलिंगपुरा और रघुनाथपुरा के अभिभावकों व ग्रामीणों ने जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल सुधार की मांग की है।

ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय में कुल 16 पद स्वीकृत हैं, लेकिन अधिकांश पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। सबसे ज्यादा चिंता बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे 10वीं और 12वीं के छात्रों को लेकर है, जहां पाठ्यक्रम अधूरा रहने से बच्चों का मनोबल टूट रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि जो शिक्षक कार्यरत हैं, वे भी समय पर विद्यालय नहीं पहुंचते। कई दिनों तक कक्षाएं नहीं लगतीं, जिससे न केवल पढ़ाई बल्कि अनुशासन व्यवस्था भी पूरी तरह बिगड़ चुकी है। ग्रामीणों ने इसे बच्चों के भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ बताया।

ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने तीन प्रमुख मांगें रखीं। सभी 16 स्वीकृत पदों पर तुरंत शिक्षकों की नियुक्ति की जाए। शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक या अन्य सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की जाए। शैक्षणिक कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और शिक्षकों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाए।

स्वामी विवेकानंद युवा संस्थान बरण के अध्यक्ष सीएस राजू जाट के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपने पहुंचे ग्रामीणों में शंकर लाल पोषक, मिठू लाल गुर्जर, उदय कुमावत, रामकिशन वैष्णव, शंकर लाल गाडरी, गोपाल ओड, ओम प्रकाश गुर्जर, महेंद्र, नारायण, कन्हैयालाल, बाबूलाल, परमेश्वर, श्याम, सुखदेव सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे।

ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी कि यदि जल्द ही शिक्षकों की कमी दूर नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा। उनका कहना है कि बोर्ड परीक्षा से पहले हालात नहीं सुधरे तो इसका खामियाजा सीधे बच्चों को भुगतना पड़ेगा और इसकी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की होगी।

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