जहाजपुर क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात, ऊर्जा मंत्री ने किया नए जीएसएस का लोकार्पण और शिलान्यास

जहाजपुर क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात, ऊर्जा मंत्री ने किया नए जीएसएस का लोकार्पण और शिलान्यास
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भीलवाड़ा । राज्य सरकार की ग्रामीण विद्युत सुदृढ़ीकरण नीति के तहत जहाजपुर क्षेत्र को शनिवार को बड़ी सौगात मिली। ऊर्जा राज्यमंत्री हीरालाल नागर ने ग्राम पंचायत गुढ़ा में नवनिर्मित 33 11 केवी जीएसएस का लोकार्पण किया तथा रेडवास कोटड़ी में प्रस्तावित नए जीएसएस का शिलान्यास किया।

कार्यक्रम के दौरान लगभग 1.89 करोड़ रुपये की लागत से तैयार गुढ़ा जीएसएस का शुभारंभ किया गया। वहीं क्षेत्र की भविष्य की जरूरतों को देखते हुए करीब 2.29 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले रेडवास कोटड़ी जीएसएस की आधारशिला रखी गई।

ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार गांव गांव तक मजबूत और आधुनिक बिजली व्यवस्था पहुंचाने के लिए संकल्पित है। सरकार का लक्ष्य है कि हर ग्रामीण क्षेत्र को चौबीस घंटे निर्बाध बिजली मिल सके ताकि विकास की रफ्तार और तेज हो।

उन्होंने बताया कि गुढ़ा जीएसएस शुरू होने से गुढ़ा सहित रोजड़ी, फतेहपुर, बागवासा, पचानपुरा, देवपुरा, तरनिया खेड़ा और रामगढ़ जैसे गांवों में थ्री फेस बिजली आपूर्ति सुचारू होगी। इससे वोल्टेज की समस्या, बार बार ट्रिपिंग और कटौती से लोगों को राहत मिलेगी तथा घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा।

रेडवास कोटड़ी जीएसएस के निर्माण से रेडवास, रघुनाथपुरा, साबला जी का खेड़ा, गोठड़ा सहित आसपास के गांवों में बिजली आपूर्ति और मजबूत होगी। इसके बाद इन क्षेत्रों में भी चौबीस घंटे थ्री फेस सप्लाई संभव हो सकेगी।

जहाजपुर विधायक गोपीचंद मीणा ने कहा कि गुढ़ा जीएसएस का लोकार्पण और रेडवास कोटड़ी जीएसएस का शिलान्यास क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री का आभार जताते हुए कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं गांवों तक तेजी से पहुंच रही हैं। जनप्रतिनिधि प्रशांत मेवाड़ा ने भी अपने विचार रखे।

कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने बिजली व्यवस्था मजबूत होने पर खुशी जताई। इस मौके पर विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी अधीक्षण अभियंता ओम प्रकाश महला, अधिशासी अभियंता एस पी नागर, सहायक अभियंता दिनेश कुमार मीणा और सुरेश चंद्र मीणा सहित अनेक अधिकारी कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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