फूलियाकलां में कुदरत का कहर: बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल तबाह, किसानों के अरमानों पर फिरा पानी

फूलियाकलां (राजेश शर्मा)। फूलियाकलां उपखंड क्षेत्र में मंगलवार का दिन अन्नदाता के लिए काल बनकर आया। मौसम के अचानक बदले मिजाज और बेमौसम बारिश के साथ हुई भारी ओलावृष्टि ने किसानों की साल भर की खून-पसीने की कमाई को मटियामेट कर दिया है। खेतों में बिछी सफेद ओलों की चादर ने किसानों की आंखों में आंसू ला दिए हैं।
खेतों में बिछ गई तैयार फसल
मंगलवार सुबह और शाम, दो बार आए तेज अंधड़ और गर्जना के साथ शुरू हुई बारिश ने देखते ही देखते ओलावृष्टि का रूप ले लिया। इसकी सीधी मार पककर तैयार खड़ी गेहूं की फसल पर पड़ी। तेज हवा और ओलों के वजन से फसल खेतों में ही बिछ गई। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय फसल पूरी तरह तैयार थी, ऐसे में ओलों से बालियों के दाने झड़ गए हैं, जिससे पैदावार में भारी गिरावट तय है।
घर की देहरी पर पहुंची उपज भी भीगी
क्षेत्र में तीन दिन पहले यानी शुक्रवार, 3 मार्च को भी कुदरत ने अपना रौद्र रूप दिखाया था। कई किसानों ने फसल काटकर घरों के बाहर ढेर लगा रखे थे, जो अचानक आई बारिश में पूरी तरह भीग गए। भीगने के कारण अब गेहूं की गुणवत्ता खराब होने और दाना काला पड़ने का डर सता रहा है, जिससे बाजार में किसानों को सही दाम मिलना मुश्किल होगा।
मुआवजे की उठी मांग
कर्ज लेकर बुवाई करने वाले किसानों के सामने अब आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। व्यथित किसानों ने जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि प्रभावित क्षेत्रों का तुरंत मौका-मुआयना कर गिरदावरी करवाई जाए और हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए ताकि उन्हें इस संकट से उबारा जा सके।
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