कच्ची सड़क डीएमएफटी योजना में डामरीकरण करने की मांग_

कच्ची सड़क डीएमएफटी योजना में डामरीकरण करने की मांग_
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शाहपुरा बनेड़ा विधानसभा क्षेत्र के उपरेडा से वाया भीलोंकाखेड़ा भगवानपुरा तक 4 किलोमीटर सड़क कच्ची होने से आमजन को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है इस संदर्भ में जानकारी देते हुए सामाजिक कार्यकर्ता मुबारक मंसूरी उपरेडा ने बताया की उनके द्वारा एवं गांव वासियों द्वारा पिछले 15 साल से हजारों बार लिखित में मांग करते हुए विधायक महोदय शाहपुरा बनेड़ा को एवं सांसद महोदय भीलवाड़ा एवं सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी बनेडा,अधीक्षण अभियंता pwd, भीलवाड़ा, pwd चीफ इंजीनियर जयपुर, उपखंड अधिकारी महोदय बनेडा जिला कलेक्टर महोदय भीलवाड़ा मुख्यमंत्री महोदय राजस्थान सरकार जयपुर एवं राज्यपाल महोदय प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति महोदय को सैकड़ो नहीं बल्कि हजारों पत्राचार कर दिए एवं सैकड़ो बार 181 जिला कलेक्टर महोदय की मासिक जनसुनवाई ,जनसंपर्क पोर्टल, सीएम पोर्टल, प्रधानमंत्री सड़क एप पर परिवार दर्ज कर दिए गए लेकिन आज दिन तक कच्ची सड़क का डामरीकरण नहीं हुआ उक्त सड़क अनेक गांवों को सीधा जोड़ती है प्रतिदिन मरीज अस्पताल में इलाज हेतु एवं छात्र विद्यालय के लिए पढ़ने उपरेड़ा आते जाते हैं उक्त सड़क को डीएमएफटी योजना के गवर्निंग काउंसिल की 13 वी बैठक एवं इससे पूर्व भी अनेक बार डीएमएफटी की बैठक में बैठकों में भी सम्मिलित करते हुए अनुमोदन किया हुआ लेकिन आज दिन तक सड़क का जिला कलेक्टर महोदय एवं डीएमएफटी ट्रस्ट भीलवाड़ा की राजनीतिक द्वेषता और सौतेलेपन की वजह से डामरीकरण हेतु बार-बार लिखित में मांग के बावजूद भी वित्तीय स्वीकृति जारी नहीं करने से क्षेत्र वासियों को बारिश के दौरान किचड़ भरी सड़क में काफी परेशानियों को सामना करना पड़ता है इस मार्ग पर भीलों का खेड़ा गांव है जहां पर अनुसूचित जनजाति के 80 से 85 मकान भीलों के हैं एवं भगवानपुरा में गुर्जर, मुस्लिम, बेतवा माली बंजारा समाज के 90 परिवार निवास करते हैं एक तरफ राज्य और केंद्र सरकार विकास के वादे करती है और गांव विकास के मुख्य धारा से जोड़ने का आज भी यह गांव विकास के मुख्य धारा से कोसों दूर है जो आज भी राज्य के राष्ट्र के विकास के मुख्य धारा से कोसों दूर है इस मार्ग पर 108 मरीज को समय पर ला नहीं सकती है बच्चे विद्यालय समय पर नहीं जा सकते हैं उक्त सड़क का डीएमएफटी योजना में जल्द ही डामरीकरण कराया जाए जिससे क्षेत्र वासियों को राहत मिल सके

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