चतुर्मुखी शिव मंदिर में गूंजे भजन, 51 हजार में छूटी भांग की बोली

फूलियाकलां राजेश शर्मा। तस्वारिया बांसा चतुर्मुखी शिव मंदिर में रुद्राभिषेक के बाद शनिवार रात्रि भजन संध्या हुई। भजन संध्या में कलाकारों ने अनेक प्रकार के भजनों की प्रस्तुतियां दी। नृत्यांगनाओ ने एक से बढ़कर एक नृत्य किया। मेला समिति व अध्यक्ष रामधन जाट ने सभी कलाकारों का स्वागत किया। भजन संध्या में अर्ध रात्रि को बोलियां का कार्यक्रम शुरू किया गया जिसमें भांग की बोली 51000 रामकिशन जाट के छोड़ी गई। रविवार को भगवान भोलेनाथ के भांग का भोग लगाया गया व महा आरती की गई। महाआरती के बाद भगवान भोलेनाथ को रथ में विराजमान करके नगर भ्रमण करवाया गया। जगह-जगह भगवान की अगवानी की गई। ग्रामीण डीजे की धुन में भांग में मस्त होकर नाचते गाते चले।शोभा यात्रा गांव में भ्रमण कर जाटों का नोहरा पहुंची। वहां से वापस गोधूलिक वेला में भगवान भोलेनाथ का रथ मंदिर पहुंचा। जहां महाआरती करके लड्डू बाटी का भोग लगाया गया व प्रसाद वितरण किया गया। भीलवाड़ा जिले का मात्र एक ऐसा गांव है तस्वारिया बांसा जहां पर शिवरात्रि के दिन भोलेनाथ के भांग का भोग लगाया जाता है। उसी भांग के प्रसाद को पूरे गांव वाले बच्चों से लेकर बूढ़े (बुजुर्ग) तक बड़े शौक से पीते हैं। पूरे दिन पूरा गांव भांग के नशे में मस्त रहता है।
