13 रजब: जहाजपुर में मौला अली के यौमे-विलादत पर परचम कुशाई, लंगर तकसीम कर मनाया जश्न

13 रजब: जहाजपुर में मौला अली के यौमे-विलादत पर परचम कुशाई, लंगर तकसीम कर मनाया जश्न
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जहाजपुर (मोहम्मद आज़ाद नेब) मजहब-ए-इस्लाम के चौथे खलीफा, पहले इमाम और रसूल-ए-पाक के दामाद व चचेरे भाई हज़रत अली अलैहिस्सलाम के यौमे-विलादत के मौके पर जहाजपुर में अकीदत और एहतराम के साथ जश्न मनाया गया। इस्लामी तारीख 13 रजब को पूरी दुनिया के मुसलमानों की तरह जहाजपुर में भी दरूदो-सलाम, फातिहा और इसाले सवाब के जरिए हज़रत अली को खिराज-ए-अकीदत पेश की गई।

इस अवसर पर तकिया मस्जिद स्थित मदरसे की छत पर परचम कुशाई की गई। राह-ए-हक फाउंडेशन के बैनर तले मौला-ए-कायनात हज़रत अली के जन्मदिन की मुबारकबाद पेश की गई और आम लोगों के लिए लंगर का एहतमाम किया गया। लंगर तकसीम कर आपसी भाईचारे और खुशी का इजहार किया गया।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने हज़रत अली अलैहिस्सलाम की शख्सियत पर रोशनी डालते हुए कहा कि आप इल्म का वह दरिया हैं, जिनकी गहराई को नापना मुमकिन नहीं। आपने मजहब-ए-इस्लाम की हिफाजत और सरबुलंदी के लिए ऐसी-ऐसी जंगें फतेह कीं, जो नामुमकिन नजर आती थीं। जंगे खैबर में आपकी बहादुरी आज भी मिसाल है। आपकी शहादत के सदियों बाद भी दुनिया आपके इल्म, शजाअत, इंसाफ और शखावत को याद करती है।

कार्यक्रम के दौरान नारा-ए-तकबीर “अल्लाहु अकबर” से माहौल गूंज उठा। इस मौके पर बड़ी संख्या में मुस्लिम नौजवान मौजूद रहे। प्रमुख रूप से एडवोकेट अब्दुल मुतल्लिब रज़ा, जिशान पठान, साजिद मदारी, अशफाक शाह, समीर मलिक, इदरीस अंसारी, सकलेन मुस्तफा सहित कई अकीदतमंदों ने शिरकत की।

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