राशन डीलर वैष्णव को हाईकोर्ट से राहत, गिरफ्तारी पर रोक

राशन डीलर वैष्णव को हाईकोर्ट से राहत, गिरफ्तारी पर रोक
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शाहपुरा(किशन वैष्णव)खामोर निवासी राशन डीलर ओमप्रकाश वैष्णव को राजस्थान हाईकोर्ट, जोधपुर ने बड़ी राहत दी है। फुलिया कलां थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 206/2025 के मामले में अदालत ने अगली सुनवाई तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। हाईकोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए माननीय न्यायाधीश कुलदीप माथुर ने राज्य सरकार को पक्षकार मानते हुए जिला रसद अधिकारी कार्यालय, भीलवाड़ा की प्रवर्तन निरीक्षक डॉ. मीनाक्षी मीणा को नोटिस जारी करने का आदेश दिया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता को जांच में पूर्ण सहयोग करना होगा और 28 जनवरी 2026 को सुबह 11:30 बजे जांच अधिकारी के सामने आवश्यक दस्तावेज पेश करने होंगे। अगली सुनवाई 9 फरवरी 2026 को निर्धारित है। हाईकोर्ट के आदेश से ओमप्रकाश वैष्णव को फिलहाल गिरफ्तारी से राहत मिली है, जबकि मामले की जांच और सुनवाई आगे भी जारी रहेगी।

मामले की पृष्ठभूमि यह है कि एफआईआर के अनुसार, 29 अक्टूबर 2025 को मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त उपभोक्ता शिकायत की जांच के लिए जिला रसद अधिकारी कार्यालय की जांच टीम खामोर स्थित ओमप्रकाश वैष्णव की दुकान पर पहुंची। जांच दल में प्रवर्तन निरीक्षक डॉ. मीनाक्षी मीणा, विनोद मीणा और ब्रिजेश सेठी शामिल थे। अधिकारियों ने अपना परिचय देकर जांच का उद्देश्य स्पष्ट किया, लेकिन दुकानदार भड़क गया और वहां मौजूद ग्रामीणों के सामने गाली-गलौच करने लगा। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ओमप्रकाश वैष्णव ने प्रवर्तन निरीक्षक डॉ. मीनाक्षी मीणा को धक्का देकर बाहर निकालने का प्रयास किया और सरकारी कागजात फाड़ दिए। गेहूं का स्टॉक रजिस्टर और पोस मशीन दिखाने से भी उसने इनकार किया। जांच के दौरान जब अधिकारी उपभोक्ताओं से बयान लेने लगे, तो दुकानदार ने उन्हें भी धमकाया और बयान देने से रोका। इसके बाद जांच दल ने गांव में जाकर लगभग 51 उपभोक्ताओं के बयान दर्ज किए।

घटना के 48 दिन बाद, 16 दिसंबर 2025 को मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 221, 224 और अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(r) और 3(1)(s) के तहत प्रकरण दर्ज किया। एफआईआर में दर्ज आरोपों के अनुसार, ओमप्रकाश वैष्णव ने जांच अधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार, धमकी और सरकारी कागजात फाड़ने जैसे गंभीर कृत्य किए।

हाईकोर्ट के आदेश से ओमप्रकाश वैष्णव को फिलहाल राहत मिली है, लेकिन जांच और मुकदमे की कानूनी प्रक्रिया पूरी तरह जारी रहेगी। अगली सुनवाई 9 फरवरी 2026 को होगी।

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