निर्धारित तिथि बीतने के बावजूद 4500 लाख की सड़क अधूरी, हादसों का बन रही वजह

रायला के नेशनल हाईवे-48 को शंभूगढ़ के नेशनल हाईवे-148D से जोड़ने वाली करीब 37 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बावजूद अब तक अधूरा पड़ा है। 45 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इस सड़क का शिलान्यास 17 अगस्त 2023 को पुर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा किया गया था। निर्माण कार्य पूर्ण करने की अंतिम तिथि बोर्ड पर 20 जुलाई 2024 तय की गई थी, लेकिन समय गुजर जाने के बाद भी सड़क पूरी नहीं हो सकी है।
यह सड़क शंभूगढ़, बरसनी, कालियास और ईरास होते हुए रायला को जोड़ती है। वर्तमान में रायला से ईरास तक सड़क की स्थिति अत्यंत खराब बनी हुई है। जगह-जगह गहरे गड्ढे, अधूरा निर्माण कार्य, रोड लाइनिंग और चेतावनी संकेतकों का अभाव दुर्घटनाओं को आमंत्रण दे रहा है। खारडा के पास बाहला का पुलिया क्षति ग्रस्त हो रहा हे और उसके पास केवल गिट्टी डालकर सड़क को अधूरा छोड़ रखा है, आए दिन दोपहिया वाहन चालक, स्कूली बच्चे और राहगीर हादसों का शिकार हो रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि अधूरी सड़क के कारण आवागमन में भारी परेशानी हो रही है तथा जान-माल का खतरा लगातार बना हुआ है। विशेषकर रात के समय सड़क पर लाइनिंग नहीं होने से दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है।
सड़क किनारे लगाए गए पौधों की भी देखरेख नहीं की गई, जिससे अधिकांश पौधे सूख गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पौधारोपण केवल औपचारिकता बनकर रह गया।
ग्रामीणों ने राजस्थान राज्य सड़क विकास एवं निर्माण इकाई भीलवाड़ा से मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए, गड्ढों की तत्काल मरम्मत की जाए तथा रोड लाइनिंग और चेतावनी संकेतक लगाए जाएं। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा।
