14 वर्षों से निरंतर गौमाताओं की सेवा, गौशालाओं को अर्पित किया पशुआहार व गुड़

शाहपुरा (मूलचन्द पेसवानी)। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर शाहपुरा श्याम सेवा समिति ने एक बार फिर गौसेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए समाज के सामने सेवा, श्रद्धा और संस्कार की मिसाल कायम की। समिति द्वारा पिछले 14 वर्षों से निरंतर मकर संक्रांति के अवसर पर गौसेवा का यह पुण्य कार्य किया जा रहा है, जो अब क्षेत्र में एक प्रेरणादायक परंपरा का रूप ले चुका है।
इसी क्रम में इस वर्ष भी समिति की ओर से शाहपुरा स्थित पाशुपतिनाथ गौशाला में 11 कट्टे पशुआहार एवं 5 कट्टे गुड़ भेंट किए गए। इसके अतिरिक्त नंदी गौशाला, फुलिया गेट में 2 कट्टे गुड़ तथा शिवशक्ति गौशाला, तहनाल में 5 कट्टे पशुआहार एवं 3 कट्टे गुड़ का सहयोग प्रदान किया गया। इस सेवा कार्य से सर्दी के मौसम में गौमाताओं के भरण-पोषण में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।
श्याम सेवा समिति के सदस्यों ने बताया कि गौसेवा भारतीय संस्कृति की आत्मा है और सनातन परंपरा में गौमाता को विशेष स्थान प्राप्त है। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति जैसे पर्व पर गौसेवा करने से धार्मिक पुण्य के साथ-साथ सामाजिक कर्तव्यों की भी पूर्ति होती है। समिति बीते 14 वर्षों से सेवा, समर्पण और श्रद्धा भाव के साथ यह कार्य करती आ रही है और भविष्य में भी गौसेवा एवं समाज सेवा के कार्यों को निरंतर जारी रखेगी।
गौशालाओं के प्रबंधन एवं सेवकों ने श्याम सेवा समिति के इस सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का सहयोग गौमाताओं की देखभाल, चारे की व्यवस्था एवं संरक्षण के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होता है। उन्होंने समिति के सदस्यों की भावना और निरंतर सेवा परंपरा की सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान श्याम सेवा समिति के कई पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने गौमाताओं के प्रति श्रद्धा भाव से सेवा करते हुए उनके कुशल पालन-पोषण की कामना की। इस अवसर पर गौशालाओं में सेवा एवं भक्तिमय वातावरण बना रहा।
क्षेत्रवासियों ने भी श्याम सेवा समिति की इस सेवा भावना की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में संस्कार, संवेदनशीलता और धार्मिक चेतना को बल मिलता है। उन्होंने युवाओं से भी गौसेवा जैसे पुण्य कार्यों से जुड़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का समापन गौमाताओं के कल्याण की कामना और समाज में सेवा भाव को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ।
