बनेड़ा में कोहरे का कहर: शीतलहर से जनजीवन बेहाल, पशु-पक्षियों पर मंडराया संकट

बनेड़ा (हेमराज तेली) क्षेत्र में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। पिछले कुछ दिनों से जारी शीतलहर के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे कस्बे सहित ग्रामीण इलाकों में लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। सोमवार सुबह से ही क्षेत्र कोहरे की सफेद चादर में लिपटा नजर आया। आलम यह था कि कुछ फीट की दूरी पर भी देख पाना मुश्किल हो गया। हाइवे और मुख्य सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई है। वाहन चालक हेडलाइट जलाकर रेंगते हुए नजर आए, जिससे आवागमन में काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। शीतलहर के प्रकोप से बचने के लिए लोग सुबह-देर शाम तक सार्वजनिक स्थानों और घरों के बाहर अलाव तापते नजर आ रहे हैं। बाजार भी देरी से खुल रहे हैं और शाम होते ही सन्नाटा पसर जाता है। कड़ाके की इस ठंड का सबसे बुरा असर पशु-पक्षियों पर देखने को मिल रहा है। चारागाहों में ओस और ठंड के कारण मवेशियों को चराने में समस्या आ रही है। सुबह की कनकनी और कोहरे के कारण पक्षी अपने घोंसलों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं, जिससे उनके दाने-पानी का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान अपने पशुओं को ठंड से बचाने के लिए टाट-पट्टियों और कट्टों का सहारा ले रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यह कोहरा रबी की फसलों जैसे गेहूं और सरसों, चना आदि के लिए कहीं फायदेमंद है तो कहीं पाला पड़ने की आशंका से किसान चिंतित भी हैं। किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे फसलों में हल्की सिंचाई करें ताकि पाले के असर को कम किया जा सके। कड़ाके की ठंड को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और चिकित्सकों ने बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने तथा गरम कपड़ों का उपयोग करने की सलाह दी है।
