VIDEO डीएमएफटी फण्ड से दिव्यांगों को नहीं मिल रही मदद, चूके के लिए सभी दोषी, विधानसभा में उठायेंगे मुद्दा-मेघवाल

VIDEO डीएमएफटी फण्ड से दिव्यांगों को नहीं मिल रही मदद, चूके के लिए सभी दोषी, विधानसभा में उठायेंगे मुद्दा-मेघवाल
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भीलवाड़ा (हलचल)। विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष एवं शाहपुरा से विधायक कैलाश मेघवाल ने कहा है कि डीएमएफटी फण्ड में प्रधानमंत्री के निर्देशों के बावजूद दिव्यांग लोगों को कोई फायदा नहीं मिल रहा है। वहीं इस फण्ड हो रहे घपले घोटालों की जांच की मांग का मुद्दा विधानसभा में उठायेंगे। उन्होंने दिव्यांग लोगों को सहायता नहीं मिलने में हुई चूक के लिए उन्होंने स्वयं को अपराध बोध से ग्रसित बताते हुए कहा कि कमेटी के सभी लोगों से चूक हुई है और वे सभी दोषी है। 
वे एक होटल में सोमवार को पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। मेघवाल ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री और संसद द्वारा निर्देश दिए जाने के बावजूद दिव्यांगों के प्रति सात साल से अनदेखी की जा रही है। उन्होंने पूरे भीलवाड़ा जिले को दिव्यांगों की सहायता के लिए डीएमएफटी फण्ड में घोषित किया हुआ है। इसके बावजूद न तो डीएमएफटी कमेटी ने और न ही समाज कल्याण विभाग ने कोई कदम उठाया। 
मेघवाल ने इस काम में चूक के लिए स्वयं को दोषी मानते हुए कहा कि उन्होंने जिला कलक्टर व डीएमएफटी फण्ड अध्यक्ष को पत्र लिखा है जिसमें बुजुर्ग एवं दिव्यांग व्यक्तियों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। इसके लिए उन्होंने जिले में प्रत्येक उपखंड अधिकारी को नोडल अधिकारी मनोनीत करते हुए उनके क्षेत्र में दिव्यांगों को चिन्हित करने के साथ ही शिविर लगाकर ऐसे असहाय लोगों को अंग उपकरण व अन्य राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग भी की है। ट्रस्ट के नियम-16 के तहत सभी विभागों के अधिकारियों को इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन में दायित्व निभाने का आदेश दिया जा सकता है। वहीं गैर सरकारी संगठनों से भी सहयोग लिया जा सकता है। 
मेघवाल ने कहा कि डीएमएफटी फण्ड में अरबों रुपए पड़े है। बजट होने के बावजूद दिव्यांगों के उत्थान के प्रति निष्क्रियता बरती जा रही है जो निंदनीय है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उन्होंने संबंधित मंत्री को भी शिकायती पत्र लिखा है। दिव्यांगों के उत्थान के काम के लिए ट्रस्ट की आय में से तीन प्रतिशत वांछित स्टाफ और अन्य सुविधाओं के लिए खर्च करने का भी प्रावधान है जिसे ध्यान में रखते हुए मेघवाल ने शीघ्र नियुक्तयां करने की मांग की है। 
समाज कल्याण अधिकारी के खिलाफ लिखा पत्र
दिव्यांगों के प्रति उदासीनता बरतने को लेकर कैलाश मेघवाल ने सामाजिक न्याय मंत्री टीकाराम जूली को भी पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने भीलवाड़ा में समाज कल्याण विभाग में सक्रियता लाने की मांग की है। मंत्री ने भी इस संबंध में निर्देश जारी किए है। 
&0 दिन पुराने कार्यों की होगी स्वीकृति
मेघवाल ने कहा कि भीलवाड़ा में स्वीकृति के बाद निरस्त किए गए पुराने कार्यों की स्वीकृृति तीस दिनों में हो जाएगी। ऐसा आश्वासन ट्रस्ट के अध्यक्ष ने उन्हें दिया है। 
भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठायेंगे
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने डीएमएफटी फण्ड किस मद पर कितना खर्च हो रहा है इस पर निगाह रखने और नियमों की पालना के लिए वे अब अपने स्तर पर भी निगरानी रखेंगे और भ्रष्टाचार के खिलाफ बैठक के अलावा वे विधानसभा में आवाज उठायेंगे। उन्होंने कहा कि राजस्थान में वन विभाग में वृक्षारोपण के नाम पर जितना भ्रष्टाचार हो रहा है उतना और कहीं नहीं हो रहा है। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की बात भी कही। जबकि एक प्रश्न के जवाब में कहा कि वे तो डीएमएफटी फण्ड से कोई कमिशन नहीं लेते है और कोई लेता है तो ...! उन्होंने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र के करमड़ास, फूलिया और लसाडिय़ा ग्राम में डीएमएफटी फण्ड से करीब साढ़े तीन करोड़ के कार्य स्वीकृत किए है जिनकी उन्हें जानकारी नहीं है। मेघवाल ने इन कार्यों पर भी प्रश्नचिन्ह लगाया है। उन्होंने इस फण्ड के तहत होने वाले कार्यों पर भी प्रश्नचिन्ह लगाते हुए कहा कि तकनिकी स्वीकृति के बिना ही कार्य हो रहे है और दायित्वहीनता चल रही है। मेघवाल ने इन सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए दोहराया कि वे अपने स्तर पर तो निगाह रखेंगे ही लेकिन भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेंगे और प्रधानमंत्री के निर्देशों के तहत दिव्यांगों के मामले में उन्हें मदद दिलाने के मामले को विधानसभा में उठायेंगे। 

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