VIDEO मेजा नहर टूटी, खेतों में घुसा पानी, 200 बीघा की फसल बर्बाद, किसानों में रोष, मरम्मत का काम रुकवाया

भीलवाड़ा प्रेमकुमार गढ़वाल। भीलवाड़ा के सबसे बड़े मेजा बांध से निकली दांई मुख्य नहर सुरास गांव के पास टूट जाने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। ग्रामीणों की माने तो 60 से 70 किसानों की डेढ़ सौ से दो सौ बीघा फसल पानी में जलमग्न हो गई। जिससे उन्हें लाखों का नुकसान हुआ है। सूचना पर तहसीलदार के साथ ही सिंचाई विभाग से एईएन मौके पर पहुंचे, जिनसे किसानों ने बर्बाद फसल का मुआवजा दिलाए जाने की मांग की, लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारी के मुआवजे पर सहमति नहीं देने पर किसानों ने टूटी नहर की मरम्मत का काम रुकवा दिया। फिल्हाल बातचीत का दौर जारी है।
सुरास निवासी ओमप्रकाश शर्मा ने बीएचएन को बताया कि मेजा बांध से निकल रही मुख्यं दांई नहर सुरास गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर पर टूट गई। यह घटना गुरुवार सुबह करीब छह बजे हुई। इसके चलते नजर का पानी खेतों में घुसने लगा। देखते ही देखते नहर का पानी 60 से 70 किसानों की करीब डेढ़ सौ से दो सौ बीघा खेतों में जा घुसा, जिससे खेत जलमग्न हो गये और गेहूं के साथ ही अन्य फसलें बर्बाद हो गई। इतना ही नहीं खेतों से मिट्टी का कटाव होने से खेत भी खराब हो गये। नहर का यह पानी खेतों को जलमग्न करता हुआ कोठारी नदी में जा रहा है।
उधर, ग्रामीणों की सूचना पर तहसीलदार और सिंचाई विभाग के एएईएन मौके पर पहुंचे और मौका देखा । साथ ही टूटी नहर की मरम्मत का काम शुरु करवाया। इस बीच, किसानों ने सिंचाई विभाग की लापरवाही से यह घटना होने का आरोप लगाते हुये विभाग से किसानों को हुये नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की। लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारी ने इसके लिए सहमति नहीं दी। ऐसे में ग्रामीण आक्रोशित हो गये और टूटी नहर की मरम्मत का काम रुकवा दिया। फिल्हाल दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है।
तीन दिन पहले खोली थी नहर
मेजा बांध की मुख्य दांई नहर किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए पानी देने के लिए तीन दिन पहले ही खोली थी। यह नहर आज सुबह अचानक टूट गई। चेन नंबर 162 पर हुई इस घटना के बाद पानी खेतों में घुस गया और फसलें तबाह हो गई।
यह भी है किसानों का आरोप
किसान ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि पिछली सरकार ने नहर की मरम्मत के लिए करोड़ों रुपये की राशि स्वीकृत की थी। इसके बाद नहर की मरम्मत के दौरान फोकलेन मशीन चलाई गई, जिससे यह नहर डेमेज हो गई थी और नहर खोलने के बाद आज यह नहर टूट गई।
