कहां गया राष्ट्र प्रेम ,कहां गया भाजपा एंजेड़ा- हमारा निशान कमल निशान?*

राजसमंद //निर्दलीय प्रत्याशी नीरज सिंह राणावत का विधानसभा 174 कुंभलगढ़ क्षेत्र व आमेट क्षेत्र में नहीं दिखा जनता के प्रति उत्साह तो जनता को गुमराह करने के लिए बनाई नई योजना यूथ केयर फाउंडेशन के सचिव नीरज सिंह राणावत इन दोनों विधायक प्रत्याशी के रूप में निर्दलीय चुनाव लड़ने के लिए मैदान में उतर चुके हैं ,लेकिन जनता के प्रति कोई उत्साह नहीं दिखा प्राप्त जानकारी के अनुसार पता चला है कि यूथ सोशल फाउंडेशन के सचिन नीरज सिंह राणावत ने एक प्रेसवार्ता आयोजित करते हुए संकल्प पत्र का हवाला दिया ।सेवा के नाम अपने स्वार्थ को जाहिर करते हुए नजर आए ,तभी से सवाल उठता कि कुंभलगढ़ विधानसभा क्षेत्र ही क्यों चुना गया चुनाव लड़ने व समाज सेवा करने के लिए उनके निवास स्थान व अन्य विधानसभा क्षेत्र में चुनाव लड़ने की प्रक्रिया क्यों नहीं की गई ? कुंभलगढ़ में चुनाव लड़ने का क्या है नीरज सिंह का मकसद बाहरी होने का लोगों में विरोध जनता में जमीन पकड़ कम होने से कैसे बना पाएंगे अपना वोट बैंक।
भोले भाले आदीवासी भील समाज कि बेदियों को किया गया कन्यादान एक दान पुण्य ओर सेवा सदभाव के तहत किया गया था । उन सभी बेटीयों ओर परिजनो को यह नहीं पता कि सेवा के पिछे राणावत का स्वार्थ छिपा है । मतदान भी चुनाव आयोग ने गुप्त दान रखते हुए लोंकतंत्र में सरकार बनाने के लिए गुप्त रखा फिर कन्यादान तो महान दान होता है फिर कुछ देकर इतनी स्वार्थ परक सिद्ध करते हुए प्रदेश भर में ढिंढोरा पीट रहे वहीं गौमाता के नाम सहयोग राशी का ढिंढोरा पीट रहे हैं । जानकारो के अनुसार कभी केन्द्रीय मंत्री अमित शाह के पार्टनर तो कभी मित्र बताकर चुनाव कि तैयारी कि ,कभी पुर्व मुख्य मंत्री वशुंधरा राजे के करीबी का हथकंडा अपना क्षैत्र में पेठ जमा जनता के बीच बने रहे । उसी दौरान भाजपा सर्वो परी, राष्ट्र हिट सबसे पहले की चर्चा आम बन गई । पर जब स्वार्थ सिद्ध नहीं हुआ तो न भाजपा सर्वो परि रही न ही राष्ट्र बचाओ पर चर्चा कर रहे ।फिर कैसे राष्ट्र प्रेमी व भाजपा हितैषी हुए । वही देशी भाषा में कहावत रही थी कि कातिया का खाई जाणो ठिक है पण उगटिया रो नि खाणो । शायद यह कहावत विधानसभा चुनाव 2023 में कुम्भलगढ विधानसभा में स्वार्थ पर सेवा दारो से देखा गया ।
