नेपाल के बीरगंज में हिंसा के बाद कर्फ्यू, भारत में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

वर्ल्ड डेस्क, नेपाल के बीरगंज में हिंसा के बाद तनाव बना हुआ है। सांप्रदायिक सोशल मीडिया वीडियो से उपजा पूरा विवाद धार्मिक स्थल से जुड़ा है। चिंताजनक स्थिति को देखते हुए स्थानीय पुलिस-प्रशासन ने एहतियाती कर्फ्यू लगाने का एलान किया। पड़ोसी देश में तनाव और उथल-पुथल के बीच भारत में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। स्थानीय मीडिया में आई खबरों के मुताबिक नेपाल की सरकार ने कहा है कि बहुत जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें।
सोशल मीडिया वीडियो से धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश
गौरतलब है कि बीरगंज की सीमा भारत में बिहार से लगती है। यहां रविवार से ही लगातार तनाव बढ़ रहा है। टिकटॉक पर धार्मिक रूप से विवादित टिप्पणियों को लेकर दो समूहों के बीच टकराव शुरू हुआ था। इसकी शुरुआत धनुषा में कमला नगरपालिका से हुई। रिपोर्ट्स में धार्मिक किताबों को जलाने की बातें भी सामने आई।
सुरक्षाकर्मियों को देखते ही गोली मारने का अधिकार
हालात की समीक्षा के बाद सरकार और स्थानीय प्रशासन ने बस पार्क, नागवा, इनारवा (पूर्व); सिरसिया नदी (पश्चिम); गंडक चौक (उत्तर) और शंकराचार्य गेट (दक्षिण) को संवेदनशील इलाके के रूप में चिह्नित किया है। प्रशासन ने लोगों को चेतावनी देते हुए कहा, 'कर्फ्यू के दौरान, सुरक्षाकर्मियों को देखते ही गोली मारने का अधिकार दिया गया है। इसलिए नागरिकों से अनुरोध है कि बहुत जरूरी होने पर ही अपने घरों से बाहर निकलें। बाहर निकलने की विवशता होने पर निकटतम सुरक्षाकर्मी से संपर्क करें। मोबाइल से 100 पर कॉल करें।
कर्फ्यू के बीच सशर्त रियायत भी मिलेगी
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि कर्फ्यू की अवधि के दौरान सुरक्षाकर्मियों को आवश्यक सेवाओं में रियायत देने के निर्देश दिए गए हैं। कर्फ्यू की अवधि में एंबुलेंस, अग्निशमन वाहन, शव वाहन, स्वास्थ्यकर्मियों के वाहनों, मीडिया कर्मियों, पर्यटकों की गाड़ियों, मानवाधिकार और राजनयिक मिशनों के वाहनों और वैध टिकट के साथ यात्रा के लिए एयरपोर्ट जा रहे यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाने के दिशानिर्देश दिए गए हैं।
