इंसानियत शर्मसार: 10 राज्यों में 50 से ज्यादा नवजात बच्चों को बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश, पिता ने खुद के ही दो बच्चे बेचे

Update: 2026-04-10 10:08 GMT

 बहादुरगढ़। हरियाणा के बहादुरगढ़ में पैसों के लालच में मानवता को शर्मसार करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा हुआ है। नवजात शिशुओं की खरीद-फरोख्त करने वाले इस गिरोह की बर्बरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गिरोह के एक सदस्य ने चंद रुपयों के लिए अपनी अलग-अलग पत्नियों से हुए अपने ही दो मासूम बच्चों का सौदा कर दिया। पुलिस ने अब तक इस मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पिता ने 8 लाख में किया अपने ही बच्चों का सौदा

पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि गिरफ्तार आरोपी संदीप पवार (बल्लभगढ़) ने अपने ही एक बेटे और एक बेटी को 8 लाख रुपये से ज्यादा में बेच दिया। संदीप के अलावा पुलिस ने छत्तीसगढ़ के रुद्रा प्रताप, ग्रेटर नोएडा के विजय और दिल्ली के मोहन पांचाल को भी गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी सप्लाई चेन बनाने और ग्राहकों से संपर्क करने का काम करते थे।

10 राज्यों में फैला नेटवर्क, 50 से ज्यादा बच्चे बेचे

जांच में सामने आया है कि यह गिरोह साल 2022 से सक्रिय है और अब तक पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र और यूपी सहित 10 राज्यों में 50 से अधिक बच्चों का सौदा कर चुका है। पुलिस ने फिलहाल 40 बच्चों की पुष्टि की है और 2 बच्चों को सकुशल बरामद कर रेवाड़ी भेजा गया है। बरामद बच्चों का मिलान करने के लिए आरोपियों के डीएनए सैंपल भी लिए गए हैं।

सरगना फरार, एसआईटी गठित

गिरोह का मुख्य सरगना प्रगट सिंह उर्फ लाडी फिलहाल फरार है। पुलिस ने पंजाब स्थित उसके घर पर छापेमारी की, लेकिन उसका पूरा परिवार गायब है। इस काले कारोबार में लाडी की पत्नी और साली के भी शामिल होने के सबूत मिले हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एसआईटी (SIT) गठित की है और आरोपियों के बैंक खाते फ्रीज किए जा रहे हैं।

बच्चा गोद दिलाने के नाम पर काला खेल

यह गिरोह निसंतान दंपतियों को बच्चा गोद दिलाने के नाम पर लाखों रुपये ऐंठता था और अवैध तरीके से नवजात बच्चों की तस्करी करता था। बहादुरगढ़ पुलिस इसे एक बड़ी उपलब्धि मान रही है और फरार 5 अन्य सदस्यों की तलाश में कई राज्यों में टीमें भेजी गई हैं।

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