'गौ-वंश दरिंदा' बिहार में रेलवे स्टेशन पर मिला,₹20,000 का इनामी 'साइको' रेलवे पुलिस के हत्थे चढ़ा

Update: 2026-04-07 18:20 GMT

भीलवाड़ा प्रेमकुमार गढ़वाल | आस्था की नगरी भीलवाड़ा में गौवंश के साथ अमानवीय और घिनौनी हरकत करने वाले जिस 'हैवान' की तलाश में पुलिस दिन-रात एक किए हुए थी, वह आखिरकार बिहार में पकड़ा गया है। बिहार रेलवे पुलिस ने संदिग्ध अवस्था में घूमते हुए इस शातिर अपराधी को दबोचा और भीलवाड़ा पुलिस को इसकी सूचना दी। आरोपित को लेने के लिए भीलवाड़ा से एक विशेष पुलिस टीम बिहार रवाना हो चुकी है।

ट्रेन से आता था 'साइको दरिंदा', वारदात कर हो जाता था रफूचक्कर

पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। यह कोई स्थानीय अपराधी नहीं बल्कि एक 'साइको' (Psychopath) है, जो पेशेवर तरीके से वारदातों को अंजाम देता था।

कार्यप्रणाली: आरोपित ट्रेन के जरिए भीलवाड़ा पहुँचता था।

निशाना: सुनसान रास्तों पर मौजूद बेसहारा गौवंश को अपना शिकार बनाता था।

फरार: कुकृत्य करने के तुरंत बाद वह वापस स्टेशन पहुँचता और अगली ट्रेन पकड़कर शहर छोड़ देता था।

सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पुलिस को इसके रेलवे स्टेशन पर आने-जाने के पुख्ता प्रमाण मिले हैं।

भीलवाड़ा में दो प्रमुख वारदातों ने मचाया था हड़कंप

इस शातिर अपराधी ने शहर में दो ऐसी वारदातों को अंजाम दिया, जिससे पूरे जिले में आक्रोश फैल गया था:

7 मार्च माह: धानमंडी इलाके में सोती हुई गाय के साथ शर्मनाक हरकत।

27 मार्च: शाम की सब्जी मंडी क्षेत्र में फिर वही घिनौना कृत्य।

दोनों ही घटनाओं के सीसीटीवी फुटेज में एक ही शख्स नजर आया। पुलिस को आशंका है कि इसने अन्य कई वारदातों को भी अंजाम दिया होगा, जिसका खुलासा पूछताछ के बाद होगा।

₹20,000 का इनाम और 8 विशेष टीमें

बढ़ते जन आक्रोश और मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक (SP) ने हाल ही में आरोपित पर ₹20,000 का इनाम घोषित किया था। पुलिस की 8 विशेष टीमें आगरा, दिल्ली और बिहार के रेलवे स्टेशनों और संदिग्ध ठिकानों पर जाल बिछाए हुए थीं। आरोपित के पकड़े जाने के बाद अन्य राज्यों में भेजी गई टीमों को वापस बुला लिया गया है।

हिंदू संगठनों की चेतावनी और पुलिस की सक्रियता

इस घिनौनी हरकत को लेकर हिंदू संगठनों का गुस्सा चरम पर था। संगठनों ने पुलिस प्रशासन को 72 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए 'भीलवाड़ा बंद' की चेतावनी दी थी। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सूचना तंत्र को और मजबूत किया, जिसका नतीजा आज सफलता के रूप में सामने आया है।

पकड़े जाने पर भी वही हुलिया

सूत्रों के अनुसार, जब बिहार रेलवे पुलिस ने इसे पकड़ा, तब वह उन्हीं कपड़ों और उसी हुलिये में था, जो भीलवाड़ा की वारदातों के समय सीसीटीवी कैमरों में कैद हुआ था। फिलहाल, पुलिस की टीम आरोपित को लेने बिहार के लिए रवाना की गई है।

बड़ी राहत: पुलिस टीम के आरोपित को लेकर भीलवाड़ा पहुँचने के बाद शहर के लोगों और गौ-भक्तों ने राहत की सांस ली है। अब पूछताछ में इस 'साइको' अपराधी के अन्य काले कारनामों से पर्दा उठने की उम्मीद है।

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