भीलवाड़ा में सड़क पर दौड़ती 'अल्टो' बनी आग का गोला:: बेटे ने मौत के मुंह से खींच बचाई मां और महिला की जान, मची चीख-पुकार
भीलवाड़ा (हलचल)। रफ्तार भरती एक कार अचानक चलते-फिरते 'जिंदा ताबूत' में तब्दील हो गई। मांडल थाना क्षेत्र में उस वक्त कोहराम मच गया जब सड़क पर दौड़ती एक अल्टो कार धू-धू कर भभक उठी। कार के भीतर मौत का साया मंडरा रहा था, लेकिन चालक बेटे की जांबाजी और सूझबूझ ने काल को मात दे दी।
यमराज को छकाकर बचाई जान
जानकारी के अनुसार, भादू निवासी सुरेश गाडोलिया अपनी मां सोहनी और परिजन पूजा को लेकर बागौर अस्पताल चेकअप के लिए निकले थे। सफर सुकून से कट रहा था कि अचानक भादू के पास चलती कार के इंजन से लपटें निकलने लगीं। कार के भीतर धुआं भरते ही चीख-पुकार मच गई। खतरे को भांपते हुए चालक सुरेश ने बिना वक्त गंवाए कार को सड़क किनारे उतारा और आनन-फानन में अपनी मां व पूजा को सुरक्षित बाहर खींच लिया।
देखते ही देखते खाक हुई कार
जैसे ही तीनों कार से बाहर निकले, आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। चंद मिनटों के भीतर पूरी कार आग के आगोश में समा गई। लोहे का ढांचा धधकते शोले में बदल गया। सूचना मिलते ही मांडल थाने से ड्यूटी ऑफिसर सुधा पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचीं, लेकिन तब तक कार पूरी तरह जलकर स्वाहा हो चुकी थी।
शॉर्ट सर्किट की आशंका
हादसे का मंजर इतना खौफनाक था कि वहां से गुजरने वाले राहगीरों की रूह कांप गई। हालांकि आग के सटीक कारणों का अभी खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन प्रथमदृष्टया इसे शॉर्ट सर्किट का मामला माना जा रहा है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।