बछड़े की मौत के विरोध में बारां बंद, प्रदर्शन के दौरान पुलिस से झड़प

Update: 2026-02-09 11:26 GMT

बारां। राजस्थान के बारां शहर के बरडिया क्षेत्र में एक बछड़े का धड़ मिलने और उसकी मौत के मामले को लेकर शहर में आक्रोश का माहौल बन गया। इसी घटना के विरोध में सोमवार को हिंदू संगठनों और वासुदेव गौ सेवा समिति के आह्वान पर बारां शहर पूरी तरह बंद रहा। सुबह से ही गौ सेवक और विभिन्न हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और शहर के प्रमुख बाजारों को बंद करवाया।

बंद के दौरान कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनातनी की स्थिति बनी। शाम करीब 4 बजे प्रताप चौक स्थित पुलिस चौकी के सामने जब प्रदर्शनकारी जबरन बैठने लगे, तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बल प्रयोग किया। इससे मौके पर भगदड़ मच गई।

इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने शहर में जुलूस निकाला, जो अलग-अलग मार्गों से गुजरता हुआ विधायक राधेश्याम बैरवा के निवास तक पहुंचा। बताया गया कि बरडिया क्षेत्र में शुक्रवार को एक गाय के बछड़े की मौत हो गई थी। आरोप है कि बछड़े को मारकर सड़क किनारे फेंक दिया गया। इस घटना से क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। इसके बाद रविवार रात आर्य वाटिका में आयोजित बैठक में वासुदेव गौ सेवा समिति और अन्य संगठनों ने सोमवार को बारां बंद का निर्णय लिया।

बंद के आह्वान के बावजूद शहर में मेडिकल स्टोर और अन्य आवश्यक सेवाएं चालू रहीं। जुलूस के बाद प्रदर्शनकारी विधायक राधेश्याम बैरवा के तेल फैक्ट्री स्थित निवास के सामने पहुंचे, जहां उन्होंने धरना देकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। इस दौरान विधायक राधेश्याम बैरवा ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उचित जांच का आश्वासन दिया, जिसके बाद गौ सेवकों ने धरना समाप्त किया।

वासुदेव गौ सेवा समिति के अध्यक्ष गौरव शर्मा ने कहा कि पुलिस द्वारा अब तक की गई जांच से वे संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने बछड़े की मौत के मामले में दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

बारां बंद और प्रदर्शन को देखते हुए शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस जाप्ता तैनात किया गया था। प्रमुख चौराहों और संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल मौजूद रहा। एएसपी राजेश चौधरी, डीएसपी हीरालाल सोनी और शहर कोतवाली थाना प्रभारी योगेन्द्र चौहान पुलिस जाप्ते के साथ मुस्तैद नजर आए।

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