आज सूर्य ग्रहण 2026: राहु के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए करें इन मंत्रों का जाप, भीलवाड़ा में भी रहेगा असर

Update: 2026-02-16 19:14 GMT


​भीलवाड़ा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहण का समय खगोलीय घटना होने के साथ-साथ आध्यात्मिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लग रहा है, जो कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में होगा। इस दौरान राहु का प्रभाव पृथ्वी पर बढ़ जाता है, जिससे नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसी कारण ग्रहण के समय शुभ कार्यों पर रोक रहती है।

​राहु की कुदृष्टि से बचने के अचूक मंत्र

​ज्योतिषियों के अनुसार, ग्रहण के दौरान भगवान विष्णु (हरि) और भगवान शिव का सुमिरन करने से राहु का अशुभ प्रभाव निष्प्रभावी हो जाता है। यदि आप भी ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव से बचना चाहते हैं, तो इन मंत्रों का मानसिक जाप करें:

​विष्णु मंत्र: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय (यह मंत्र राहु के दोषों को शांत कर शांति प्रदान करता है)

​सूर्य बीज मंत्र: ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः

​राहु शांति मंत्र: ॐ रां राहवे नमः

​अष्टाक्षर मंत्र: ॐ नमो नारायणाय

​ग्रहण काल में क्या करें और क्या न करें?

​सूतक काल: सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले ही सूतक लग जाता है। इस दौरान मंदिरों के पट बंद रहते हैं और मूर्ति स्पर्श वर्जित होता है।

​तुलसी का महत्व: खाने-पीने की वस्तुओं में पहले ही तुलसी के पत्ते डाल दें ताकि वे अशुद्ध न हों।

​सावधानी: ग्रहण के दौरान धारदार वस्तुओं (चाकू, कैंची) का उपयोग न करें और बाहर निकलने से बचें।

​दान-पुण्य: ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान कर गेहूं, गुड़, तांबे के बर्तन और काले तिल का दान करना विशेष फलदायी होता है।

​विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रहण काल में किया गया मंत्र जाप सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक फल देता है। अतः इस समय को व्यर्थ न गँवाकर प्रभु भक्ति में लगाना चाहिए।

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समाचार: प्रेम कुमार गढवाल 9413376078 (Email: bhilwarahalchal@gmail.com, व्हाट्सएप: 9829041455)

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