सरकारी स्कूलों में होगा विद्यार्थियों के मौखिक पठन प्रवाह का जिला स्तरीय आकलन

Update: 2026-01-17 11:02 GMT

भीलवाड़ा। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर को सुदृढ़ करने और उनमें भाषा के प्रति आत्मविश्वास बढ़ाने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग एक और महत्वपूर्ण पहल करने जा रहा है। प्रखर राजस्थान 2.0 अभियान की सफलता के बाद अब विद्यार्थियों के मौखिक पठन प्रवाह का जिला स्तरीय आकलन किया जाएगा। यह विशेष अभियान 19 से 23 जनवरी तक आयोजित होगा।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस आकलन का मुख्य उद्देश्य यह जानना है कि प्रखर राजस्थान के सौ दिवसीय पठन अभियान के बाद विद्यार्थियों की पढ़ने की गति और शुद्धता में कितना सुधार हुआ है। इसके जरिए यह भी समझा जाएगा कि विद्यार्थी पाठ को कितनी स्पष्टता और प्रवाह के साथ पढ़ पा रहे हैं।

आमतौर पर विद्यार्थियों की योग्यता का मूल्यांकन लिखित परीक्षाओं के माध्यम से किया जाता है, लेकिन यह पहली बार है जब मौखिक पठन प्रवाह के आकलन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कोई बच्चा तेजी और स्पष्टता से पढ़ सकता है, तो उसकी समझने की क्षमता में स्वाभाविक रूप से वृद्धि होती है।

इस पांच दिवसीय कार्यक्रम के लिए शिक्षकों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। प्रत्येक विद्यार्थी को उसकी कक्षा के स्तर के अनुसार कहानी या अनुच्छेद पढ़ने को दिया जाएगा। शिक्षक स्टॉपवॉच की सहायता से यह दर्ज करेंगे कि विद्यार्थी एक मिनट में कितने शब्द सही पढ़ पा रहा है। इसी आंकड़े के आधार पर आगामी शैक्षणिक सत्र की योजना तैयार की जाएगी।

शिक्षा विभाग का कहना है कि विद्यार्थियों में रटने की प्रवृत्ति को समाप्त कर समझ के साथ पढ़ने की आदत विकसित करना इस पहल का मुख्य लक्ष्य है। प्रखर राजस्थान अभियान ने एक मजबूत आधार तैयार किया है और अब ओआरएफ के माध्यम से विद्यार्थियों की प्रगति का सटीक आंकलन कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।

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