हमीरगढ़ में अनूठा आयोजन: बछड़ा-बछड़ी का रचाया विवाह, उमड़ा जनसैलाब

Update: 2026-04-11 06:37 GMT

हमीरगढ़ (अल्लाउद्दीन मंसूरी)। चित्तौड़गढ़-भीलवाड़ा नेशनल हाईवे-48 स्थित छोबावड़ी सगस जी धाम और रत्नेश्वर महादेव मठ में चल रहे सनातन धर्म महोत्सव के दौरान आस्था का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। यहाँ देवनारायण गौशाला, तखतपुरा के 15 दिन पूर्व जन्मे नवजात बछड़ा-बछड़ी का पूरे हिंदू रीति-रिवाज और विधि-विधान से विवाह संपन्न कराया गया। इस अनूठे आयोजन ने न केवल क्षेत्रवासियों का मन मोह लिया, बल्कि गौ-संरक्षण का एक सशक्त संदेश भी दिया।

बैलगाड़ियों पर निकली भव्य बारात, ढोल-नगाड़ों से गूँजा मार्ग

विवाह की रस्में तखतपुरा गांव के चारभुजा नाथ मंदिर (बड़ा मंदिर) से शुरू हुईं, जहाँ से शाम 4:15 बजे भव्य बारात रवाना हुई। दूल्हे के रूप में सजे बछड़े को आकर्षक ढंग से सजाई गई बैलगाड़ी में बैठाया गया। बारात में करीब 15 बैलगाड़ियां, सजे-धजे घोड़े, बैंड-बाजे और डीजे शामिल थे। अहीर मोहल्ला और नेशनल हाईवे से होते हुए जब यह बारात छोबावड़ी सगस जी धाम पहुँची, तो दृश्य अत्यंत मनमोहक था। इस दौरान लगभग 2100 ग्रामीण, जिनमें महिलाएं, पुरुष और साधु-संत शामिल थे, नाचते-गाते हुए उत्सव मनाते नजर आए।

मंडप में हुए सात फेरे, दानदाताओं ने भेंट किया गृहस्थी का सामान

मठ की महंत साध्वी देवगिरी के सान्निध्य में आयोजित इस समारोह में धाम परिसर में विधिवत मंडप सजाया गया। पंडितों द्वारा कांकड़ बंधवाने और तोरण की रस्म के बाद बछड़ा-बछड़ी ने सात फेरे लिए। विवाह के पश्चात हाथलेवा की रस्म निभाई गई, जिसमें गौभक्तों और दानदाताओं ने घरेलू उपयोग का सामान भेंट कर पुण्य कमाया। गौभक्त कानाराम अहीर और राधेश्याम ने बताया कि यह आयोजन पूरी तरह पारंपरिक विवाह की तरह संपन्न हुआ।

गौ-संरक्षण के प्रति जागरूकता का संकल्प

ग्रामीण मोहनलाल वैष्णव ने बताया कि इस आयोजन का मूल उद्देश्य समाज को गौवंश के महत्व और उनके संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। सड़कों पर बेसहारा घूमते मवेशियों को आश्रय देने और उनके प्रति सम्मान का भाव जगाने के लिए यह ऐतिहासिक पहल की गई। कार्यक्रम में रावत युग प्रदीप सिंह राणावत, प्यारेलाल शर्मा, कालूलाल पारीक, विकास पारीक, भैया जी सोनी, प्रेम प्रकाश पारीक सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और गौभक्त उपस्थित रहे।

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