जर्जर भवन के कारण अमरतिया स्कूल के बच्चों को पीथास भेजने के निर्देश, ग्रामीणों में आक्रोश

Update: 2026-01-13 07:11 GMT

सवाईपुर (सांवर वैष्णव)। सवाईपुर क्षेत्र के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय अमरतिया का भवन जर्जर होने के चलते शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों को नजदीकी विद्यालय पीथास में अध्ययन करने के निर्देश जारी किए हैं, लेकिन तीन किलोमीटर से अधिक दूरी, जंगलात रास्ता और बजरी दोहन के भारी वाहनों की आवाजाही के कारण बच्चे और अभिभावक इस व्यवस्था से असंतुष्ट हैं।

राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय अमरतिया, जो पहले बड़ला ग्राम पंचायत में था और अब नवसर्जित ग्राम पंचायत सोपुरा में आता है, में कक्षा आठवीं तक कुल 94 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। विद्यालय भवन को जर्जर घोषित किए जाने के बाद शिक्षा विभाग द्वारा पीथास विद्यालय में पढ़ाई के आदेश दिए गए। हालांकि पीथास विद्यालय की दूरी तीन किलोमीटर से अधिक है, रास्ता जंगलात क्षेत्र से होकर गुजरता है और अवैध बजरी दोहन में लगे भारी भरकम वाहनों की आवाजाही बनी रहती है, जिससे बच्चों के साथ दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

एसडीएमसी अध्यक्ष भैरू माली व रामसिंह ने बताया कि इन कारणों से कई बच्चे विद्यालय जाना बंद कर चुके हैं और अभिभावक भी बच्चों को भेजने से कतरा रहे हैं, जिससे पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

ग्रामीणों ने अस्थायी समाधान के तौर पर तेजाजी मंदिर प्रांगण में टीन शेड लगाकर बच्चों के बैठने की व्यवस्था की और इस संबंध में एसीबीओ कोटड़ी अशोक पारीक से मुलाकात की, लेकिन उन्होंने केवल रिपोर्ट भेजने की बात कहकर ग्रामीणों को टाल दिया। इससे ग्रामीणों में खासा रोष व्याप्त है।

कोटड़ी ब्लॉक उपाध्यक्ष कुलदीप सिंह ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था कर उच्च अधिकारियों को अवगत करवाने के बावजूद अब तक कोई ठोस आदेश नहीं आए हैं। नवनिर्मित विद्यालय भवन बनने तक स्थानीय स्तर पर पढ़ाई की अनुमति नहीं मिलने से बच्चों की शिक्षा लगातार बाधित हो रही है।

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