बेटियों की कलाकृतियों को देख भावुक हुईं माताएं, कला प्रदर्शनी में उमड़ी भीड़
भीलवाड़ा। स्थानीय आकृति कला संस्थान द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के अवसर पर आयोजित छह दिवसीय कला प्रदर्शनी के तीसरे दिन कलाप्रेमियों की खासी भीड़ उमड़ी। 7 से 12 मार्च तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में महिला कलाकारों की शानदार कृतियां दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रही हैं।
संस्थान के सचिव कैलाश पालिया ने बताया कि प्रदर्शनी में शहर की कई प्रतिभावान कलाकारों ने अपने हुनर का प्रदर्शन किया है। इनमें वरिष्ठ चित्रकार श्रीमती मंजु मिश्रा का 'प्राकृतिक लैंडस्केप', गीतांजलि वर्मा द्वारा भारतीय पौराणिक विषयों में नारी चित्रण, ज्योति पारीक द्वारा प्रकृति एवं पुरुष का सौंदर्य और डॉ. हेमन्ता मीणा व नेहा सोनी द्वारा वुडकट में 'नारी मन' की अभिव्यक्ति विशेष आकर्षण का केंद्र हैं। इसके अलावा अनु प्रजापत द्वारा मधुबनी व फड़ शैली में 'मालविका अग्निमित्र', अनुष्का पाराशर द्वारा 'मधुबनी में नारी सौंदर्य', झलकरानी द्वारा भीलवाड़ा के 'पुराने शहर की हवेलियां', बाल कलाकार भूवि पेसवानी की 'बालमन की अठखेलियां' और स्नेहा ओस्तवाल द्वारा बनाई गई मॉडर्न आर्ट कलाप्रेमियों को खूब लुभा रही है।
बेटों की चाहत रखने वाले आज के समाज में अपनी बेटियों की उत्कृष्ट कला और उनकी उपलब्धियों को देखकर प्रदर्शनी में आई माताओं की आंखें खुशी से छलक उठीं। भावुक माताओं ने कहा कि आज उनका नाम उनकी बेटियों की वजह से जाना जाता है। उन्होंने आकृति कला संस्थान की इस सार्थक पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज के युग में हम बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर और वैज्ञानिक तो बना रहे हैं, लेकिन हमारी असली पहचान और संस्कृति हमारी कलाओं में ही नजर आती है। हमारी बेटियां कला के क्षेत्र में निरंतर उन्नति कर रही हैं और देश के भविष्य निर्माण में अपना बहुमूल्य योगदान दे रही हैं। यह कला प्रदर्शनी 12 मार्च तक प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से सायं 8 बजे तक कलाप्रेमियों के अवलोकनार्थ खुली रहेगी।