राज्य बजट 2026-27 में निवेशकों को राहत, भीलवाड़ा को मिले सड़क, बिजली और औद्योगिक विकास के बड़े प्रावधान
भीलवाडा । राज्य बजट 2026-27 में उद्यमियों एवं निवेशकों को राहत देने के लिए स्टाम्प ड्यूटी में कमी की गई है। बैंकों और कुछ ऋण दस्तावेजों के अतिरिक्त सभी वित्तीय संस्थानों एवं सभी प्रकार के ऋणों में स्टाम्प ड्यूटी की दर 0.125 प्रतिशत और अधिकतम 10 लाख रुपये किये गये है। साथ ही आमजन और निवेशकों को राहत प्रदान करते हुये विभिन्न ऋण दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क की दर को 1 प्रतिशत से घटाकर 0.5 प्रतिशत तथा अधिकतम एक लाख रुपये किये जाने से वित्तीय लागत में कमी आयेगी।
पिछले वर्षो से चल रही एमनेस्टी योजनाओं को भी आगे बढाया गया है। वेट एमनेस्टी के तहत 1 करोड़ रुपये तक के लम्बित वेट प्रकरणों में व्यवहारी द्वारा बकाया मूल राशि का 50 प्रतिशत जमा कराये जाने पर ब्याज एवं पेनल्टी में शत् प्रतिशत माफ किया गया है। इसी तरह भूमि कर एमनेस्टी के तहत भूमि कर की बकाया मांग राशि की 25 प्रतिशत राशि दिनांक 30.09.2026 तक जमा कराने पर भूमि कर की शेष राशि के साथ-साथ ब्याज एवं शास्ति में शत् प्रतिशत छूट दिये जाने की घोषणा हुई है।
प्रदेश में तीव्र औद्योगिक विकास के लिए कन्याखेड़ी-भीलवाड़ा सहित विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों एवं लॉजिस्टिक पार्को में पहुँच मार्गों के विकास के लिए 400 करोड रुपये व्यय किये जायेगें।
विद्युत आपूर्ति सुदृढ़ करने के लिए जिले में 33/11 केवी जीएसएस बरोदा तलोदा (जहाजपुर), आटूण (माण्डल), सांगवा (सुवाणा)-भीलवाड़ा में स्वीकृत किये गये है।
भीलवाडा शहर में यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए गायत्री आश्रम से रामधाम तक एलिवेटेड रोड के लिए 250 करोड, साबुन मार्ग के पास अण्ड्रब्रीज निर्माण के लिए 10 करोड रुपये, कोठारी नदी के किनारे रिवर फ्रन्ट तथा गांधी सागर तालाब का सौन्दर्यीकरण के लिए 27 करोड़ रुपये स्वीकृत किये गये है।
निवेशकों और उद्योगों के लिये सिंगल विण्डो 2.0 प्लेटफॉम के तहत एक आवेदन और एक डिजिटल ट्रैक के माध्यम से सभी विभागीय स्वीकृतियाँ प्रदान करने, राज्य में औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने हेतु रिप्स के तहत निवेशकों को देय वित्तीय प्रोत्साहन की प्रक्रिया को पूर्णतः डिजिटल किये जाना, राज्य के परम्परागत एवं श्रम प्रधान टैक्सटाइल उद्योग को नई ऊर्जा प्रदान करने तथा रोजगार के अवसर सृजित करने हेतु नई पेरोल सब्सिडी के रुप में एसेट क्रियेशन इन्सेन्टिव की घोषणा स्वागत योग्य है। रिप्स 2024 में ब्याज अनुदान में अब सर्विस सेक्टर को भी सम्मिलित किया गया है।
राजस्थान ओडीओपी पॉलिसी-2024 के तहत विस्तारीकरण हेतु ऋण लेने वाली इकाईयों को भी 10 प्रतिशत मार्जिन मनी सहायता भी सराहनीय है।
