शिक्षक निलंबन के बाद राजकीय महाविद्यालय में संतोष: एबीवीपी ने कहा— छात्राओं की सुरक्षा के साथ समझौता नहीं
भीलवाड़ा | शहर के माणिक्य लाल वर्मा राजकीय महाविद्यालय में छात्रा से कथित दुर्व्यवहार के मामले में प्रशासन द्वारा आरोपी शिक्षक राजेंद्र सिंह यादव को निलंबित किए जाने के बाद कॉलेज परिसर में छात्रों के बीच संतोष का माहौल है। एबीवीपी की लंबे समय से चली आ रही मांग और कड़े विरोध के बाद यह कार्रवाई अमल में लाई गई है।
क्या था मामला?
शराब के नशे में दुर्व्यवहार: प्राप्त जानकारी के अनुसार, 13 फरवरी 2026 को शिक्षक पर शराब के नशे में एक छात्रा के साथ आपत्तिजनक व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगा था।
पूर्व में भी आई थीं शिकायतें: विद्यार्थियों का कहना है कि संबंधित शिक्षक के विरुद्ध पूर्व में भी इस तरह की शिकायतें सामने आ चुकी थीं, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने से असंतोष बढ़ता जा रहा था।
एबीवीपी का आंदोलन: घटना के बाद छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने मामले को प्रमुखता से उठाते हुए प्रशासन पर तत्काल कार्रवाई का दबाव बनाया था।
प्रशासनिक रुख और सुरक्षा का संकल्प:
कॉलेज प्रशासन ने प्रारंभिक जांच के आधार पर शिक्षक को निलंबित करते हुए स्पष्ट किया है कि प्रकरण की निष्पक्ष और विस्तृत जांच जारी रहेगी। दोष पूरी तरह सिद्ध होने पर नियमानुसार और भी कठोर कार्यवाही की जाएगी।
एबीवीपी के महानगर मंत्री कुणाल सिंह राणावत ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि छात्राओं की सुरक्षा सर्वोपरि है और महाविद्यालय की गरिमा बनाए रखने के लिए ऐसे कदम आवश्यक हैं। परिषद ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी परिसर का शैक्षणिक वातावरण खराब करने वालों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाया जाएगा।
