खजूरी क्षेत्र के आस पास गांव में शीतल सप्तमी व पारंपरिक कोडा मार होली खेली गई
खजूरी (अक्षय पारीक) खजूरी उप तहसील मुख्यालय पर व आसपास के गांव में आज बुधवार को शीतला सप्तमी का पर्व धूमधाम और पारंपरिक श्रद्धा के साथ में मनाया गया सुबह से ही शीतला माता मंदिर में महिलाओं की भारी भीड़ जुटी, से पूरा क्षेत्र भक्ति में नजर आया शीतला माता को बासे भोजन का भोग व शीतला माता की कथा आपस में सुनि परंपरा के अनुसार श्रद्धालु ने एक दिन पूर्व मंगलवार को तैयार किया गया विशेष ठंडा (बासा)भोजन शीतला माता को अर्पित किया थाली में पूडी पुआ दही राबड़ी और विभिन्न मिठाइयां सजाकर महिलाएं मंदिर पहुंची खजूर निवासी अंकित| पारीक मंजू देवी लाड देवी सावित्री देवी भगवती देवी सीमा प्रीति पारीक आदी ने बताया की महिलाएं ने विधि विधान से माता की पूजा अर्चना कर महिलाओं को सुख शांति आरोग्य और खुशहाली की मंगल कामना की पूजन के पश्चात मंदिर स् परिसर में महिलाओं ने समूह में बैठकर शीतला माता की पौराणिक कथा सुनी और आरोग्य समृद्धि की प्रार्थना की मान्यता है कि शीतला माता की पूजा चेचक जैसी बीमारियों से मुक्ति मिलती है और घर में शीतलता व का वास होता है इसी आस्था के चलते आज सुबह मंदिर के बाहर लंबी लाइन देखने को मिली ग्रामीण क्षेत्रों में इस पर्व को लेकर विशेष उत्साह.देखा गया और हर घर में प्रारंभिक पकवानों का आनंद लिया गया और संजय पारीक चंद्र प्रकाश पारीक गोविंद प्रजापत लोकेश तेली सौरभ पारीक कमलेश तेली भानु प्रताप साहू यस पारीक मुरारी जी पारीक आदि द्वारा बताया गया की गांव के अंदर गाजे बाजे के साथ गांव में होली खेली जाती है और और डीजे मंगवाकर उसमें नाचते खेलते हुए गांव के विभिन्न मार्गो में होली खेलते हुए बस स्टैंड पर आकर समापन करते हैं बाद में बड़ी द्वारा होली पर पारंपरिक कोडा मार होली खेली जाती हे तो वर्षों से चली आ रही है उसे अभी तक बड़ी पोल के लोगों द्वारा उसे परंपरा को करते आ रहे हैं इस कार्यक्रम में होली द्वारा गांव के लोगों को भाईचारिया का संदेश मिलता है इसमें गांव के लोग आपस में कलर कलर लगाकर होली खेलते हैं और एक दूसरे को होली की शुभकामनाएं देते हैं