फर्जी आईबी अफसर बनकर रौब झाड़ रहा था नटवरलाल, मेरठ एसटीएफ ने दबोचा

Update: 2026-02-07 10:16 GMT

 मेरठ। खुफिया एजेंसी का अफसर बनकर लोगों को धमकाने और अधिकारियों पर दबाव डालने वाले शातिर ठग को मेरठ एसटीएफ ने धर दबोचा है। धामपुर इलाके से पकड़े गए इस व्यक्ति ने खुद को आईबी का डिप्टी डायरेक्टर बताकर लंबे समय से लोगों को गुमराह कर रखा था। आरोपी ने पूछताछ में अपना नाम मनोज चौहान बताया है।

एसटीएफ के अनुसार मनोज गांव और आसपास के इलाकों में दावा करता था कि उसकी पोस्टिंग दिल्ली में है और उसकी नौकरी बेहद गोपनीय है। इसी रुतबे का फायदा उठाकर वह लोगों से कहता था कि किसी भी सरकारी दफ्तर का काम हो तो वह करवा देगा। इसके बाद वह पुलिस और दूसरे विभागों के अफसरों को फोन कर खुद को आईबी का वरिष्ठ अधिकारी बताता और धमकाने वाले अंदाज में दबाव बनाता था।

पूछताछ में सामने आया कि आरोपी एमएससी पास है और अपोलो मेडिकल एजेंसी के नाम से एक फर्जी फर्म भी चला रहा था। इस फर्म का लाइसेंस उसकी पत्नी के नाम बताया जा रहा है। तलाशी के दौरान एसटीएफ को उसके पास से डिप्टी डायरेक्टर पद का फर्जी आईडी कार्ड भी मिला है, जिससे वह लोगों को प्रभावित करता था।

एसटीएफ अब आरोपी की पूरी कुंडली खंगाल रही है। जांच की जा रही है कि उसने अब तक किन किन लोगों से ठगी की, किन अधिकारियों को फोन किए और कितनी रकम या फायदे हासिल किए। आरोपी के मोबाइल फोन को भी जब्त कर लिया गया है, जिससे कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।

अपर पुलिस अधीक्षक एसटीएफ फील्ड इकाई मेरठ बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि 6 फरवरी को गुलमोहर रिजॉर्ट के पास धामपुर से आरोपी को गिरफ्तार किया गया है और उससे गहन पूछताछ जारी है।

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