बजट 2026: अब 'AI' करेगा खेती! किसानों के लिए 'भारत-VISTAAR' टूल लॉन्च; पशुपालन और फिशरीज के लिए खुला खजाना
बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अन्नदाताओं और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए तकनीक और सब्सिडी का जबरदस्त कॉम्बो पेश किया है। सरकार का लक्ष्य खेती को पारंपरिक ढर्रे से निकालकर आधुनिक और मुनाफे वाला व्यवसाय बनाना है।
1. भारत-VISTAAR: खेती का अपना 'एआई' सलाहकार
वित्त मंत्री ने 'भारत-VISTAAR' (Virtually Integrated System To Access Agricultural Resources) नामक एक बहुभाषी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल की शुरुआत की है।
यह टूल किसानों को उनकी अपनी भाषा में मौसम, मिट्टी की सेहत और मंडी भाव की सटीक जानकारी देगा।
यह किसानों को बेहतर फैसले लेने में मदद करेगा, जिससे फसल की बर्बादी कम होगी और उत्पादकता बढ़ेगी।
2. पशुपालन और मत्स्य पालन पर फोकस
लोन-आधारित सब्सिडी: पशुपालन क्षेत्र के लिए नया क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी प्रोग्राम शुरू होगा। इससे पशुपालकों को डेयरी और पोल्ट्री यूनिट लगाने के लिए आसान कर्ज मिलेगा।
अमृत सरोवर और फिशरीज: मत्स्य पालन के लिए 500 जलाशयों और 'अमृत सरोवरों' का एकीकृत विकास किया जाएगा। तटीय क्षेत्रों में 'फिशरीज वैल्यू चेन' को मजबूत किया जाएगा।
पशुधन FPO: किसानों की तर्ज पर अब पशुपालकों के भी 'किसान उत्पादक संगठन' (FPOs) बनाए जाएंगे।
3. चंदन, काजू और कोको को मिलेगी 'वैश्विक पहचान'
चंदन की वापसी: भारतीय चंदन की लकड़ी की पुरानी गरिमा को लौटाने के लिए विशेष कार्यक्रम शुरू होगा।
ग्लोबल ब्रांडिंग: भारतीय काजू, कोको, नारियल और अखरोट-बादाम की पैदावार बढ़ाने के लिए समर्पित योजनाएं लाई गई हैं। इन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार में 'ब्रांड इंडिया' के रूप में प्रमोट किया जाएगा।
4. महिलाओं और दिव्यांगों का सशक्तिकरण
बजट में महिलाओं की अगुवाई वाले स्टार्टअप और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को सीधे बाजार से जोड़ने का प्रावधान है।
छोटे और सीमांत किसानों के साथ-साथ दिव्यांगों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए विशेष मौकों का सृजन किया जाएगा।
