भारत का लोकतंत्र सर्वश्रेष्ठ, संसद के हंगामे से न हों निराश: केंद्रीय मंत्री

By :  vijay
Update: 2025-10-09 20:30 GMT

नई दिल्ली  संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को कहा कि भारत का संसदीय लोकतंत्र दुनिया में सबसे अच्छा है और लोगों को संसद की कार्यवाही में होने वाले हंगामों या बाधाओं से निराश नहीं होना चाहिए। रिजिजू पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) के वार्षिक सत्र को संबोधित कर रहे थे।

रिजिजू ने कहा कि वह संसद में विपक्ष की ओर से जरूरी मुद्दों पर किए गए हंगामे का स्वागत करते हैं, क्योंकि यह जीवंत लोकतंत्र का संकेत है। उन्होंने कहा, अगर संसद में उठाया गया मुद्दा जरूरी है तो मैं विपक्षी दलों के हंगामे का स्वागत करता हूं। उन्होंने यह भी कहा कि संसद की कार्यवाही का स्थगित होना भी विपक्ष को स्थान देने का एक तरीका है।

, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संसद एक ऐसा मंच है, जहां अलग-अलग विचारधाराओं वाले लोग जनता की आवाज उठाने के लिए एकत्र होते हैं। उन्होंने कहा, वे संसद में अपने विचार रखते हैं और जिन विचारधाराओं का वे प्रतिनिधित्व करते हैं, उन्हें सामने रखते हैं। इतनी विविध पृष्ठभूमि के लोग जब संसद में आते हैं, तो थोड़ी बहुत हलचल तो होगी ही।

'विपक्ष के विरोध का करते हैं सम्मान'

उन्होंने बताया कि हंगामे के बावजूद मानसून सत्र के दौरान संसद ने कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए, जिनमें ऑनलाइन गेमिंग को नियंत्रित करने वाला कानून भी शामिल है। लेकिन जब विपक्ष विरोध करता है, तो हम उसका सम्मान करते हैं और उन्हें स्थान देते हैं। ऐसे में संसद स्थगित भी हो जाती है।

'संसद में हंगामे से निराश न हो जनता'

रिजिजू ने लोगों से अपील की कि संसद में होने वाले हंगामों या इस तरह की रिपोर्ट से निराश न हों, जिनमें कहा जाता है कि संसद काम नहीं कर रही। उन्होंने कहा, हमारी प्रणाली (सिस्टम) से कभी निराश न हों। परिणामों से आप कभी-कभी निराश हो सकते हैं, लेकिन यह दुनिया में सबसे अच्छा सिस्टम है।

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'लोकतंत्र में विरोध होगा, हंगामा भी होगा'

विपक्ष पर निशाना साधते हुए रिजिजू ने कहा कि जो लोग सरकार पर अभिव्यक्ति की आजादी को दबाने का आरोप लगाते हैं, वही लोग दिनभर कई मुद्दों पर बोलते रहते हैं। उन्होंने कहा, जो व्यक्ति पूरे दिन बोलता रहता है, वही शिकायत करता है कि उसे बोलने की आजादी नहीं है। यह एक लोकतांत्रिक देश है और यहां सभी को अभिव्यक्ति की आजादी है। मैं किसी को भी अपनी बात कहने से नहीं रोक सकता। यही तो लोकतंत्र की खूबसूरती है। विरोध होगा, हंगामा भी होगा।

राहुल गांधी पर साधा निशाना

कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर परोक्ष टिप्पणी करते हुए रिजिजू ने कहा कि कुछ लोगों को संविधान की छोटी किताबें साथ लेकर चलने की आदत है और उन्होंने उनसे अपील की कि वे उस किताब को पढ़ें। उन्होंने कहा, आपने सुना होगा- 'संविधान बचाओ'। कुछ लोग संविधान की छोटी-छोटी किताबें भी साथ लेकर चलते हैं। मेरी उनसे अपील है कि कृपया उस संविधान को पढ़ें। रिजिजू ने कहा कि दुनिया के कुछ हिस्सों में जो तरह-तरह के विरोध प्रदर्शन होते हैं, वे भारत में नहीं हो सकते।

'संविधान में भविष्य की चुनौतियों का समाधान'

उन्होंने कहा, आपने दुनियाभर में होने वाले विरोध प्रदर्शनों के बारे में सुना होगा। इस तरह की चीजें भारत में नहीं हो सकतीं। भारत का संविधान इतनी समझदारी से बनाया गया है कि भविष्य में आने वाली सभी चुनौतियों का समाधान उसमें मौजूद है। उन्होंने कहा, हमारा संविधान दुनिया में सबसे अच्छा है और हम पूरी तरह संविधान की भावना के अनुसार काम कर रहे हैं। जो लोग संविधान में विश्वास नहीं रखते, वही लोग इसे बचाने का दावा करते फिरते हैं।

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