महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से मांगा जवाब

By :  vijay
Update: 2025-09-25 13:04 GMT


नई दिल्ली,  

सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं के खिलाफ बढ़ती अपराध प्रवृत्ति, विशेषकर दुष्कर्म जैसी गंभीर घटनाओं पर गंभीर चिंता जताते हुए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जवाब तलब किया है। उच्चतम न्यायालय ने यह निर्देश जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई के दौरान दिया।

पीठ में शामिल थे न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति आर. महादेवन, जिन्होंने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को चार सप्ताह के भीतर अपना पक्ष प्रस्तुत करने का आदेश दिया।

यह जनहित याचिका वरिष्ठ अधिवक्ता आबाद हर्षद पोंडा द्वारा दायर की गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है और कई मामलों में सही समय पर कार्रवाई नहीं की जा रही।

सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी करते हुए कहा कि यह आवश्यक है कि प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपने स्तर पर अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों की सुरक्षा के लिए किए गए उपायों की विस्तृत जानकारी प्रदान करें। कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि यदि आवश्यक हुआ तो आगामी सुनवाई में राज्यों की जवाबदेही और कार्रवाई की समीक्षा की जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट का यह कदम महिलाओं की सुरक्षा के प्रति न्यायपालिका की सतर्कता और समाज में कानून के प्रति विश्वास बनाए रखने की कोशिश है।

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