टीएमसी ने पीएम मोदी पर हमला, बंगाल के एक करोड़ से अधिक एसआईआर प्रभावितों को घुसपैठिया कहने पर उठाए सवाल

Update: 2026-02-05 17:17 GMT

 नई दिल्ली।  तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। पार्टी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कारण एक करोड़ से ज्यादा लोगों को 'परेशानी' का सामना करना पड़ रहा है। टीएमसी ने पूछा कि क्या प्रधानमंत्री इन्हीं लोगों को 'घुसपैठिया' कह रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने आज राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस का जवाब दिया। इस दौरान उन्होंने टीएमसी पर तीखा हमला किया। उन्होंने पार्टी पर 'घुसपैठियों' को बचाने का आरोप लगाया और कहा कि घुसपैठियों को बचाने के लिए अदालतों पर दबाव डाला जा रहा है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में दलील देने वाली पहली मौजूदा मुख्यमंत्री बनीं। उन्होंने मतदाता सूची के एसआईआर में दखल की मांग की थी और आरोप लगाया था कि पश्चिम बंगाल को टनिशाना बनाया जा रहा है और वहां के लोगों को 'कुचला जा रहा है।'

पीएम मोदी की टिप्पणियों पर टीएमसी ने क्या कहा?

टीएमसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में वोट डालते समय पश्चिम बंगाल के लोगों को प्रधानमंत्री की टिप्पणियां याद रखनी चाहिए।

टीएमसी ने कहा कि आज ममता बनर्जी की सुप्रीम कोर्ट में पेशी पर परोक्ष टिप्पणी करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने संसद को गुमराह किया।

उन्होंने कहा कि पीएम ने दावा किया कि 'घुसपैठियों' को बचाने के लिए न्यायपालिका पर दबाव डाला जा रहा है। तो फिर दीदी (ममता बनर्जी) सड़कों पर और अदालतों में किसके लिए लड़ रही हैं?

उन्होंने कहा, ममता बनर्जी उन 150 परिवारों के लिए लड़ रही हैं, जिन्होंने इस क्रूर प्रक्रिया में अपने प्रियजनों को खोया है, उन 1.4 करोड़ लोगों के लिए लड़ रही हैं, जिन्हें 'तकनीकी गड़बड़ी' बताकर सुनवाई के लिए बुलाया गया, जिनमें बुजुर्ग, महिलाएं, प्रवासी मजदूर, दिहाड़ी कामगार और मरीज शामिल हैं। उन लोगों के लिए जिन जीवित मतदाताओं को मृत बताकर सूची से हटा दिया गया।

टीएमसी ने कहा, यही वे लोग हैं जिन्हें प्रधानमंत्री 'घुसपैठिया' कहने का साहस कर रहे हैं। अपना कीमती वोट डालने से पहले यह जरूर याद रखें।

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राज्यसभा में टीएमसी की उपनेता ने पीएम मोदी पर साधा निशाना

राज्यसभा में टीएमसी की उपनेता सागरिका घोष ने प्रधानमंत्री पर आपत्तिजनक भाषा इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। घोष ने कहा कि घुसपैठ रोकना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद में बहुत कम आते हैं। जब आते हैं, तो अपने भाषणों में केवल विपक्ष को निशाना बनाते हैं और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने कहा, बंगाल के मामले में नरेंद्र मोदी घुसपैठियों की बात कर रहे हैं। क्या उन्हें यह नहीं समझना चाहिए कि भारत की सीमाओं की जिम्मेदारी गृह मंत्रालय की है? उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय देश की सीमाओं के लिए जिम्मेदार है और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) भी उसी के अधीन आता है।

घोष ने कहा, प्रधानमंत्री को आईने में देखकर आज की सच्चाई समझनी चाहिए, लोगों के दुख-दर्द और परेशानियों को समझना चाहिए, न कि दिन में पांच बार कपड़े बदलने पर ध्यान देना चाहिए। सरकारें तब काम करती हैं जब वे हकीकत से जुड़ी हों, न कि तब जब प्रधानमंत्री कई बार अपना पहनावा बदलने में व्यस्त हों। 

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