सीमांत नागालैंड प्रादेशिक प्राधिकरण के लिए त्रिपक्षीय समझौता, अमित शाह ने केंद्र की मदद का आश्वासन दिया
नई दिल्ली केंद्र ने नगालैंड सरकार और पूर्वी नगालैंड पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन (ईएनपीओ) के साथ राज्य के भीतर सीमांत नगालैंड प्रादेशिक प्राधिकरण के गठन के लिए त्रिपक्षीय समझौते पर बृहस्पतिवार को हस्ताक्षर किए। समझौता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में हुआ।
इसके बाद अमित शाह ने कहा, 'केंद्र पूर्वी नागालैंड के विकास के लिए हर संभव मदद करेगा और अपनी सभी जिम्मेदारियों को पूरा करेगा।' उन्होंने कहा, 'एक-दो को छोड़कर, अन्य सभी मुद्दे सुलझा लिए गए हैं।' उन्होंने कहा, '2019 से हमने पूर्वोत्तर में 12 महत्वपूर्ण समझौते किए हैं।'
केंद्र सरकार करेगी भरपूर मदद' :अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा, 'मोदी सरकार की यह परंपरा रही है कि हम अपने द्वारा किए गए समझौतों को लागू करने के लिए हरसंभव प्रयास करते हैं। मैं ईएनपीओ के प्रतिनिधियों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि केंद्र सरकार पूर्वी नागालैंड के विकास के लिए भरपूर सहायता प्रदान करेगी और अपनी जिम्मेदारी भी निभाएगी। नगालैंड और केंद्र सरकार पर कोई संदेह नहीं होना चाहिए। हर राशि का निर्णय लेकर उसे जारी किया जाएगा।' उन्होंने यह भी कहा कि आपकी संस्था की स्थापना के लिए प्रारंभिक खर्च केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा वहन किया जाएगा।
क्या बोले नगालैंड के सीएम नेफ्यू रियो?
राज्य के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने कहा, 'यह समझौता आपसी विश्वास को दर्शाता है, पूर्वी नागालैंड और पूरे राज्य की आकांक्षाओं को पूरा करता है, और विकास को हर घर तक पहुंचाने का प्रयास करता है।' राज्य के छह पूर्वी जिलों में फैली आठ जनजातियों का प्रतिनिधित्व करने वाली सर्वोच्च संस्था, ईएनपीओ, दशकों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए 2010 से ही एक अलग राज्य की मांग कर रही है। बाद में इसने फ्रंटियर नागालैंड टेरिटोरियल अथॉरिटी (एफएनटीए) ढांचे के तहत एक निश्चित स्तर की स्वायत्तता के लिए केंद्र के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया।