बच्चों में बार-बार खांसी: सामान्य बीमारी है या गंभीर एलर्जी? जानें क्या कहते हैं विशेषज्ञ
बदलते मौसम और बढ़ते प्रदूषण के बीच बच्चों में खांसी की समस्या आम हो गई है। अक्सर माता-पिता इसे सामान्य सर्दी-जुकाम समझकर घरेलू नुस्खे अपनाते हैं, लेकिन जब खांसी बार-बार आए या लंबे समय तक बनी रहे, तो यह चिंता का विषय हो सकता है। बाल रोग विशेषज्ञों (Pediatricians) के अनुसार, यह समझना बेहद जरूरी है कि बच्चे को होने वाली खांसी केवल एक संक्रमण है या किसी एलर्जी का संकेत।
बीमारी (Infection) और एलर्जी (Allergy) में फर्क कैसे पहचानें?
1. संक्रमण या बीमारी वाली खांसी:
लक्षण: अगर खांसी के साथ बुखार, गले में दर्द, नाक बहना या सुस्ती महसूस हो रही है, तो यह वायरल या बैक्टीरियल इन्फेक्शन हो सकता है।
समय: ऐसी खांसी आमतौर पर एक से दो सप्ताह में ठीक हो जाती है। इसमें बलगम (Phlegm) आने की संभावना अधिक रहती है।
2. एलर्जी वाली खांसी:
लक्षण: इसमें बुखार नहीं होता, लेकिन छींकें आना, आंखों में खुजली या पानी आना और नाक में खुजली जैसे लक्षण दिखते हैं।
ट्रिगर: यह खांसी किसी खास चीज जैसे धूल, पालतू जानवरों के बाल, पराग कण (Pollen), या तेज गंध के संपर्क में आने पर अचानक शुरू होती है।
समय: यह खांसी बार-बार होती है और महीनों तक चल सकती है, खासकर रात के समय या सुबह उठते ही ज्यादा परेशान करती है।
सावधान! कहीं यह 'बचपन का अस्थमा' तो नहीं?
डॉक्टरों के अनुसार, यदि बच्चे को खांसी के साथ पसलियां चलने जैसा महसूस हो, सांस लेते समय सीटी जैसी आवाज (Wheezing) आए या खेलते समय बच्चा जल्दी थक जाए और खांसने लगे, तो यह 'चाइल्डहुड अस्थमा' का संकेत हो सकता है। इसे हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है।
बचाव के लिए क्या करें माता-पिता?
साफ-सफाई: घर में धूल जमा न होने दें। बच्चों के खिलौनों और बिस्तरों को नियमित रूप से गर्म पानी से धोएं।
प्रदूषण से बचाव: सुबह और शाम जब प्रदूषण का स्तर ज्यादा हो, बच्चों को बाहर ले जाने से बचें या मास्क का प्रयोग करवाएं।
खान-पान: बच्चों की डाइट में विटामिन-C और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर चीजें शामिल करें ताकि उनकी इम्यूनिटी मजबूत बनी रहे।
डॉक्टर की सलाह: बिना डॉक्टरी परामर्श के बच्चों को बार-बार 'कफ सिरप' न दें। यह खांसी के मूल कारण को दबा सकता है, उसे खत्म नहीं करता।
