राजस्थान लोक सेवा आयोग में तीन नए सदस्य नियुक्त –: सोशल इंजीनियरिंग का फॉर्मूला हावी, पेपर लीक की परछाई बरकरार

Update: 2025-09-23 17:04 GMT

 

अजमेर। राज्य सरकार ने आखिरकार राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) में तीन नए सदस्यों की नियुक्ति कर दी है। राज्यपाल के आदेश पर कार्मिक विभाग ने आदेश जारी किए। इसके साथ ही आयोग में अब अध्यक्ष सहित सात सदस्य हो गए हैं। हालांकि एक सदस्य निलंबित है और दो पद अब भी खाली हैं।

 सोशल इंजीनियरिंग का गणित 

नई नियुक्तियों में सरकार ने साफ तौर पर सोशल इंजीनियरिंग का फार्मूला अपनाया है। सूत्र बताते हैं कि जातीय और सामाजिक समीकरण साधकर ही इन पदों पर चेहरों का चयन किया गया है।

 कामकाज तेज होने की उम्मीद**

अधिकारियों का कहना है कि नए सदस्यों के आने से आयोग में परीक्षा, साक्षात्कार और डीपीसी का लंबित काम गति पकड़ सकेगा। पिछले लंबे समय से आयोग पर भर्ती परीक्षाओं में देरी और अव्यवस्था के आरोप लगते रहे हैं।

#### **पेपर लीक कांड की काली छाया**

1949 में गठित आयोग में अध्यक्ष सहित 10 सदस्य होने चाहिए, लेकिन मौजूदा हालात अलग कहानी कहते हैं। वर्तमान में अध्यक्ष यू.आर. साहू और सदस्य डॉ. संगीता आर्य, प्रो. अयूब खान, लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह और के.सी. मीना सक्रिय हैं।

लेकिन सदस्य बाबूलाल कटारा **सब इंस्पेक्टर पेपर लीक कांड** में निलंबित चल रहे हैं। हाल ही पूर्व सदस्य डॉ. मंजु शर्मा ने इस्तीफा देकर आयोग की साख पर और सवाल खड़े कर दिए थे।


 

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