शहरी सीमा में शामिल गांवों की कृषि भूमि कन्वर्जन अब नगरीय निकायों के अधीन

Update: 2026-01-02 13:14 GMT



जयपुर। पिछले साल मार्च में शहरी सीमा में शामिल किए गए राजस्व गांवों की कृषि भूमि के कन्वर्जन को लेकर स्थिति अब स्पष्ट हो गई है। सरकार के नगरीय विकास विभाग, स्वायत्त शासन विभाग और राजस्व विभाग ने संयुक्त रूप से आदेश जारी किया है कि इन गांवों की भूमि का कन्वर्जन अब संबंधित नगर पालिका, यूआईटी या विकास प्राधिकरण के तहत ही होगा।

सरकार के सर्कुलर के अनुसार, 18 मार्च 2025 को प्रदेश के कई राजस्व गांवों को शहरी सीमा में शामिल किया गया था। इसके बाद यह स्पष्ट नहीं था कि कृषि भूमि के कन्वर्जन की प्रक्रिया जिला प्रशासन के अधीन होगी या नगरीय निकायों के। अब जारी आदेश में यह साफ कर दिया गया है कि 18 मार्च 2025 के बाद किए जाने वाले सभी आवेदन सीधे नगरीय निकायों के अधीन होंगे।

पहले से आवेदन किए गए प्रकरण:

यदि कोई आवेदन 18 मार्च 2025 से पहले जिला प्रशासन (कलेक्टर, एडीएम, एसडीएम या तहसीलदार) के पास जमा हो चुका है और उस पर मांग राशि पूरी या आंशिक जमा हो चुकी है, तो उस प्रकरण की आगे की कार्यवाही जिला प्रशासन के स्तर पर ही होगी। हालांकि, इस कार्यवाही में नए बिल्डिंग बायलॉज और टाउनशिप पॉलिसी के नियम लागू होंगे।

यदि कोई आवेदन जमा हुआ था लेकिन मांग राशि जारी नहीं हुई, तो ऐसे प्रकरण निरस्त कर दिए जाएंगे। आवेदक को अब नए सिरे से संबंधित नगरीय निकाय में आवेदन करना होगा।

इस आदेश से शहरी सीमा में शामिल हुए गांवों की भूमि विकास प्रक्रिया में स्पष्टता आई है और अब कन्वर्जन के लिए उचित प्राधिकरण का निर्धारण हो गया है।



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