छात्रों की पढ़ाई व शांति व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कोलाहल नियंत्रण आदेश जारी

Update: 2026-01-05 07:28 GMT

चित्तौड़गढ़ । माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा ध्वनि प्रदूषण रोकने हेतु जारी निर्देशों की अनुपालना तथा जिले में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की पढ़ाई एवं परीक्षाओं को दृष्टिगत रखते हुए जिला मजिस्ट्रेट आलोक रंजन ने राजस्थान कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1963 की धारा 5 के अंतर्गत कोलाहल नियंत्रण आदेश जारी किए गए हैं।

जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी आदेशानुसार सम्पूर्ण चित्तौड़गढ़ जिला क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति द्वारा बिना संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट की पूर्वानुमति के ध्वनि प्रसारक, विस्तारक यंत्रों एवं लाउडस्पीकर का उपयोग प्रातः 06.00 बजे से रात्रि 10.00 बजे तक प्रतिबंधित रहेगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होकर 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेगा।

पूर्व में जारी आदेशों के तहत रात्रि 10.00 बजे से प्रातः 06.00 बजे तक लाउडस्पीकर एवं ध्वनि प्रसारक यंत्रों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध यथावत रहेगा। आदेश की अवहेलना पाए जाने पर संबंधित क्षेत्र के पुलिस अधिकारी द्वारा राजस्थान कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1963 की धारा 6 के अंतर्गत नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

यह आदेश मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारों में सदा से चली आ रही धार्मिक परंपराओं, जैसे आरती, अजान आदि पर लागू नहीं होगा।

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