जोधपुर |राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शुक्रवार को अपने गृह नगर जोधपुर पहुँचे। एयरपोर्ट पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा भव्य स्वागत के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए गहलोत ने प्रदेश की भजनलाल सरकार और केंद्र की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने विकास कार्यों के ठप होने से लेकर संवैधानिक प्रक्रियाओं में देरी तक कई गंभीर आरोप लगाए। "नगर निकाय चुनाव टालना असंवैधानिक"
स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों में हो रही देरी पर गहलोत ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद राज्य सरकार जानबूझकर चुनावों को लंबा खींच रही है। गहलोत के अनुसार, समय पर चुनाव न कराना सीधे तौर पर लोकतांत्रिक और संवैधानिक व्यवस्था पर हमला है।
मारवाड़ की उपेक्षा और पेयजल संकट का मुद्दा
बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने मारवाड़ और विशेषकर जोधपुर की अनदेखी की है।
लिफ्ट कैनाल पर सवाल: उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने राजीव गांधी लिफ्ट कैनाल के तीसरे चरण के लिए 1400 करोड़ रुपये खर्च किए थे, ताकि जोधपुर को हिमालय का पानी मिल सके, लेकिन अब यह परियोजना धीमी पड़ गई है।
अधूरे संस्थान: गहलोत ने कहा कि मगरा पूंजला अस्पताल और कई विश्वविद्यालयों की इमारतें तो खड़ी हैं, लेकिन वहाँ न स्टाफ है और न संसाधन।
रिफाइनरी के उद्घाटन पर घेरा
पचपदरा रिफाइनरी को लेकर गहलोत ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि गृह मंत्री के जोधपुर दौरे और बार-बार तारीखें तय होने के बावजूद प्रधानमंत्री से इसका उद्घाटन क्यों नहीं कराया जा रहा? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल जनता को झांसा दे रही है और धरातल पर कुछ नहीं दिख रहा।
सामाजिक सुरक्षा और AI पर विचार
गहलोत ने दावा किया कि बुजुर्गों की पेंशन, छात्राओं की स्कूटी और छात्रवृत्ति जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं ठप पड़ी हैं। ठेकेदारों का भुगतान न होने से विकास कार्य रुक गए हैं। वहीं, तकनीक के मुद्दे पर उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को क्रांतिकारी बताया। उन्होंने कहा कि वे स्वयं अपने कार्यों में AI का उपयोग करते हैं और राजस्थान को इस क्षेत्र में पिछड़ना नहीं चाहिए।
