जनजाति गौरव वर्ष 2025 में 40 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने जाना भगवान बिरसा मुंडा का योगदान

By :  vijay
Update: 2025-11-04 19:00 GMT

उदयपुर । भगवान बिरसा मुण्डा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे जनजाति गौरव वर्ष के तहत प्रदेश भर में 15 दिवसीय विशेष आयोजनों का क्रम जारी है। सोमवार को माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से राज्य के सभी विद्यालयों में भाषण, निबंध और चित्रकला प्रतियोगिताएं हुई। इसमें कुल 40.82 लाख बच्चों ने भागीदारी निभाई।

प्रदेशभर के राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों कोभगवान बिरसा मुण्डा के जीवन, संघर्ष और प्रेरक कार्यों से अवगत कराने हेतु विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। प्रार्थना सभा में जीवनी वाचन, भाषण, निबंध, चित्रकला व क्विज़ प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें लाखों विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

राज्य के 41 जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में कुल 65,087 विद्यालयों के 40.82 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने सहभागिता दर्ज की। सभी विद्यालयों में विद्यार्थियों ने भगवान बिरसा मुंडा के जीवन से प्रेरणा लेकर सामाजिक एकता, राष्ट्रभक्ति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

प्रदेश के सबसे अधिक विद्यालयों से सहभागिता जयपुर, उदयपुर, अलवर, सीकर, जोधपुर और अजमेर जिलों से रही। जयपुर जिले में 2,088 विद्यालयों के 9.32 लाख विद्यार्थियों ने भाग लिया, वहीं उदयपुर जिले के 1,225 विद्यालयों में 5.74 लाख विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता दिखाई। इसके अतिरिक्त अलवर जिले के 1,492 विद्यालयों, बीकानेर के 2,114 विद्यालयों तथा बांसवाड़ा के 1,746 विद्यालयों में भी उल्लेखनीय भागीदारीरही। यह आयोजन विद्यार्थियों में जनजातीय नायकों के बलिदान, संघर्ष और समाज सुधार के कार्यों के प्रति सम्मान एवं जागरूकता बढ़ाने का एक सार्थक प्रयास है।

इस अवसर पर शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को भगवान बिरसा मुंडा के जनजागरण आंदोलनों, जल-जंगल-जमीन की रक्षा के उनके संघर्ष तथा भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।

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