उदयपुर । जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय ने विगत 12 वर्षों से मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर के पर्यटन एवं होटल प्रबंधन विभाग में शिक्षा परामर्शक के रूप में कार्यरत ओबरी (डूंगरपुर) हाल उदयपुर निवासी चिराग पुत्र मनोहरलाल दवे को डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की है।
दवे को यह उपाधि उनके ‘पर्यटन गंतव्यों की सस्टेनेबिलिटी और स्थानीय निवासियों के समग्र कल्याण (उदयपुर नगर के संदर्भ में) पर उत्तरदायी पर्यटन व्यवहारों के प्रभाव का आकलन’ विषय पर शोध के लिए प्रदान की गई है। उन्होंने विश्वविद्यालय के ट्रैवल, टूरिज्म एवं होटल प्रबंधन विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मधु मुरड़िया के मार्गदर्शन में यह शोध किया है।