लंबे समय से ड्यूटी से नदारद कनिष्ठ सहायक निष्कासित, जिला कलेक्टर ने जारी किए आदेश

Update: 2026-03-11 16:40 GMT


उदयपुर, । जिला कलक्टर नमित मेहता ने राजकीय कार्य के प्रति घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता और बिना पूर्व सूचना के लंबे समय तक अनुपस्थित रहने के मामले में सराड़ा तहसील कार्यालय के तत्कालीन कनिष्ठ सहायक अल्पेश लट्ठा को राजकीय सेवा से निष्कासित (रिमूव फ्रॉम सर्विस) करने के आदेश जारी किए हैं।

जारी आदेश के अनुसार तहसील कार्यालय सराड़ा में पदस्थापित रहे कनिष्ठ सहायक अल्पेश लट्ठा बिना किसी सूचना या स्वीकृत अवकाश के दो चरणों में लगभग 596 दिनों तक अनुपस्थित रहे। प्रथम चरण में 21 जनवरी 2021 से 03 अक्टूबर 2021 तक तथा द्वितीय चरण में 4 फरवरी 2022 और 14 फरवरी 2022 से लगातार। विभाग द्वारा जारी नोटिस और आरोप पत्र के जवाब में कर्मचारी ने अपनी माता की बीमारी और स्वयं के माइग्रेन से पीड़ित होने का हवाला दिया था। हालांकि, जांच अधिकारी (उपखण्ड अधिकारी, खेरवाड़ा) की रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि कर्मचारी ने बीमारी के संबंध में कोई ठोस मेडिकल दस्तावेज या साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए । दस्तावेजों के अवलोकन से यह भी सामने आया कि कार्मिक अपनी प्रथम नियुक्ति (वर्ष 2013) से ही अपनी मर्जी से अनुपस्थित रहने का आदी रहा हैं। इससे पूर्व भी वह अपने परिवीक्षाकाल के दौरान विभिन्न अवसरों पर कुल 1029 दिनों तक बिना अनुमति के अनुपस्थित रहा था। जिसके लिए उनके विरुद्ध पहले भी सीसीए नियम-16 के तहत कार्यवाही की गई थी।

कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही

जिला कलक्टर ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि कार्मिक का यह कृत्य गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है, जिससे कार्यालय की कार्यशैली प्रभावित होती है। राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1958 के नियम-14 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उन्हें सेवा से निष्कासित कर दिया गया है। साथ ही, अनुपस्थिति अवधि का कोई वेतन या भत्ता देय नहीं होगा ।

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